‘तड़पती लाशें-कांपते मरघट’: BJP नेता शांता कुमार बोले- सरकार की लापरवाही से फैला कोरोना

हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार. (FILE PHOTO)

हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार. (FILE PHOTO)

शांता कुमार ने कहा कि अस्पताल में बिना ऑक्सीजन के रोगी मर रहे हैं. जल्दीबाजी की हड़बड़ाहट में व्यवस्था कांप रही है. सरकार को अत्यन्त कठोर निर्णय लेने होंगे.

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  • Last Updated: April 30, 2021, 8:41 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा). हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार (Shanta Kumar) ने कहा है कोरोना संकट (Corona Crisis) भयंकर हो रहा है. तड़पती लाशें और कांपते मरघट, रूह को भी कंपा रहे हैं. मद्रास उच्च न्यायालय (Madras high Court) की भटकार जनता की भावनाओं के अनुसार है. इस अति भयंकर परिस्थिति में सरकार को बहुत कड़वे और कठोर निर्णय करने चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग यह निर्णय करे कि कम से कम आने वाले 6 मास में कहीं पर किसी प्रकार का भी कोई चुनाव नहीं होगा. सरकार यह निर्णय करे कि शादी में केवल दो परिवार होंगे और किसी प्रकार का धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रम कहीं पर भी नहीं होना चाहिए.

और क्या बोले शांता कुमार

शान्ता कुमार ने कहा कि कोरोना बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है सरकार और जनता की लापरवाही. आज भी कुंभ में लाखों साधु साही स्नान कर रहे हैं. नेता घूम रहे है, जबकि नेता कहीं पर भी जाता है तो नियम टूटते हैं. नेता जब शादी में जाता है तो नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं. उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली में बैठकर सारे देश का संचालन कर रहे हैं. सभाओं को दिल्ली से सम्बोधित कर रहे हैं. किसी भी प्रदेश का कोई नेता आपात स्थिति के अलावा, कहीं पर दौरे पर न जाए. प्रधानमंत्री की तरह प्रदेश के नेता प्रदेश और केन्द्र में बैठ कर सब कुछ कर सकते हैं. पैसा भी बचेगा और कोरोना भी नहीं फैलेगा.

शादियों में टूट रहे नियम
शांता कहते हैं कि शादियों में 50 व्यक्तियों की सीमा खुलेआम टूट रही है. जहां नेता जा रहे हैं, वहां धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. पूरे प्रदेश में कांगड़ा जिला सबसे अधिक ग्रसित है. पूरे प्रदेश में कुल मरने वालों में आधे कांगड़ा जिला के है. मई माह में कांगड़ा जिला में तीन हजार शादियां है. अभी ओर भी अनुमति के लिए कहेंगे. एक जिला में 3 हजार शादिया. नेता जायेंगे, नियमों की धज्जियां उड़ेंगी. क्या बनेगा? सोच कर ही डर लग रहा है. वक्त की जरूरत है कठोर नियम. शादी में केवल दो परिवार और 15 से अधिक लोग नहीं होने चाहिए. शान्ता कुमार ने कहा कि अखबारों में समाचार भरे है. हर तरफ से ऑक्सीजन आ रही है. ऐसे समाचार भी है कि अस्पताल में बिना ऑक्सीजन के रोगी मर रहे हैं. जल्दीबाजी की हड़बड़ाहट में व्यवस्था कांप रही है. सरकार को अत्यन्त कठोर निर्णय लेने होंगे.
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