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हिमाचल विधानसभा में गूंजा मिड-डे मील में जातिगत भेदभाव मामला, जांच के आदेश

Bichitar Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 11, 2019, 4:24 PM IST
हिमाचल विधानसभा में गूंजा मिड-डे मील में जातिगत भेदभाव मामला, जांच के आदेश
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट के तहत औट पुलिस थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है. डीएसपी अनिल पटियाल मामले की छानबीन करेंगे.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश के मंडी (Mandi) जिले के सराज इलाके में एक सरकार स्कूल में मिड-डे मील (Mid-Day Meal) परोसने के दौरान बच्चों से जातिगत भेदभाव (Casteism) मामला तूल पकड़ गया है. मामले से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद अब यह मसला हिमाचल विधानसभा (Himachal Vidhan sabha) के शीत सत्र में उठा है. शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज (Education Minister Suresh Bhardwaj) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

उच्चस्तरीय जांच के आदेश
जानकारी के अनुसार, धर्मशाला में बुधवार को शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मंडी जिला में स्कूल में जाति आधारित भेदभाव की घटना में कड़ी कार्रवाई की मांग की. इस पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जाति आधारित भेदभाव के मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं.

स्कूलों में बढ़ रहे अपराधों पर सवाल

इसके अलावा, स्कूलों में बढ़ रहे अपराधों पर ध्यान आकर्षित करते हुए सवाल उठाया गया. नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली के स्कूल में हुई छेड़छाड़ का विषय उठाया. शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे का स्वागत करते हुए कहा कि ऊना के हरोली मामले में छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी अध्यापक को सस्पेंड कर रहे हैं. उन्होंने सदन में आर्टिकल-311 का भी हवाला दिया और कहा कि भविष्य में इस ओर ज़्यादा ध्यान देने की जरूरत है. कोई भी सदस्य ऐसे अध्यापकों की सिफारिश न करें. शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ऐसे मामलों में अध्यापकों को निलंबित भी किया जा सकता है.

मंडी. बच्चों को अलग-अलग लाइन में बिठाया गया था.
मंडी. बच्चों को अलग-अलग लाइन में बिठाया गया था.


यह है पूरा मामलाअभिभावक और शिकायतकर्ता गगन कुमार के अनुसार, उसका बेटा स्कूल में पढ़ता है. गगन ने बताया कि वह सोमवार को अपने गांव के दूसरे व्यक्ति के साथ स्कूल का निरीक्षण करने गए थे. उन्होंने मिड डे मील के दौरान एक वीडियो बनाया. मिड-डे मिल के दौरानं बच्चों को अलग-अलग बिठाया गया था. सराज वैली के राजकीय प्राथमिक पाठशाला नौणा का यह मामला है. जब मिड-डे मील परोसा जा रहा था तो अनुसूचित जाति के बच्चे दूसरी लाइन में बिठाए गए थे.

अध्यापिका ने मामले पर गंभीरता नहीं दिखाई
उन्होंने वीडियो बनाते समय पाठशाला की मुख्य अध्यापिका और अन्य अध्यापिका से इस मामले संबंधी बात की. लेकिन अध्यापिका ने गंभीरता नहीं दिखाई. उन्होंने कहा कि अध्यापिका उन्हें रोल नंबरवाइज बिठाने को कह रही थी. जबकि यह काम स्कूल के अध्यापकों का होना चाहिए. जब मुख्य अध्यापिका को मालूम हुआ कि वीडियो बन रहा है तो उसने जल्दी से बच्चों को रोल नंबर के आधार पर बिठाने के लिए खड़ा कर दिया.

डीएसपी करेंगे मामले की जांच
इसके बाद अध्यापिका वीडियो में कह रही है कि जिसने खिचड़ी खानी है खाओ, जिसने नहीं खानी है ना खाओ. एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट के तहत औट पुलिस थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है. डीएसपी अनिल पटियाल मामले की छानबीन करेंगे.

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First published: December 11, 2019, 4:18 PM IST
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