Kangra: कोरोना ने कलाकारों की तोड़ी कमर, लोकगायक काकू ने लिया सोशल मीडिया का सहारा

. हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला चम्बा (Chamba) की साहो वैली निवासी और गद्दी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले काकू राम ठाकुर.

. हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला चम्बा (Chamba) की साहो वैली निवासी और गद्दी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले काकू राम ठाकुर.

आज के दौर में काकू राम ठाकुर प्रदेश के हर पंचायत स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के चंबा मिंजर, कुल्लू दशहरा और मंडी शिवरात्रि तक के हर क्षेत्र में लाइव शो करते हैं.

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धर्मशाला. कहते हैं कि हुनर हो तो फिर भाषा भी कोई मायने नहीं रखती. हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला चम्बा (Chamba) की साहो वैली निवासी और गद्दी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले काकू राम ठाकुर पर ये कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है. दरअसल, काकू राम ठाकुर छोटी सी ही आयु में वो शख्सियत बन चुके हैं, जिन्होंने अपने सूबे में बिना किसी संगीत घराने से हुनर हासिल किये बगैर सबसे ज्यादा लाइव परफॉर्मेंस करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. मगर, जब से कोरोनाकाल (Corona virus) चला उसके बाद लोक कलाकारों की बगिया में पतझड़ सा आ गया. कोरोनाकाल में भी काकू राम ठाकुर ने सोशल मीडिया के यू-टयूव प्लेटफॉर्म के सहारे न केवल खुद को जिंदा रखा, बल्कि प्रदेश और प्रदेश के बाहर के तमाम छोटे-बड़े कलाकारों को भी लाइव परफॉर्मेंस के सहारे जिंदा रखने की कोशिश की.

डिजीटली कमा रहे पैसे

नतीजतन, खुद यू-टयूव ने काकू राम ठाकुर को अपने क्राइटीरिया से भी बाहर जाते हुये उन्हें लाख सब्सक्राइवर की बजाय महज 25 हजार सब्सक्राइबर होने पर ही उनका एकाउंट रजिस्ट्रर्ड करते हुये उन्हें अपना सदस्य बना लिया. काबिलेगौर है कि आज की तारीख में भी युवा गायक काकू राम ठाकुर उस्ताद बने हुए हैं. काकू राम ठाकुर एक साल में पंचायत स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मेलों व जागरण में 300 से 315 तक शो कर चुके हैं. वहीं अब अपने नए गीत ‘भाभी चली पेकेया’ पूरे प्रदेश में छाए हुए हैं. कांगड़ा के लोक गीत ‘ऊंची-ऊंची रीढि़या पत्थर’ गीत को नए अंदाज में पेश करने पर लोग, युवा व युवतियां खूब पंसद कर रही हैं. कई गीत सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहे हैं.

कहां से हैं काकू
साहो की कीड़ी पंचायत के गांव देलहीं के रहने वाले काकू राम ठाकुर के पिता लाल सिंह भेडपालक हैं जबकि माता रुकमणि देवी गृहिणी हैं. काकू की आरंभिक पढ़ाई चंबा व उदयपुर स्कूल से हुई. इस दौरान ही काकू ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर, जिसमें ढोलक, बांसुरी और हारमोनियम में राष्ट्रीय स्तर तक स्कूल की प्रतियोगिता में भाग लिया. जमा दो की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया में डिप्लोमा किया. साथ ही गीत-संगीत के शोक के चलते वह छोटी आयु मात्र 19 वर्ष में ही मुबंई में चले गए. लंबे स्ट्रगल के दौरान गीत-संगीत और मॉडलिंग के भी टिप्स लिए. इसके बाद दिल्ली में पहुंचकर बालीवुड के प्रसिद्ध गायक शंकर शाहनी के साथ भजन एलबम महारानी की, जिसमें उन्होंने शंकर शाहनी के साथ ड्यूट गीत गाए, जो कि लोगों ने काफी पंसद किए. जिसके बाद उन्हें चंबा सहित हिमाचल के विभिन्न जागरण में कार्यक्रम मिलने शुरू हो गए. इसके बाद उनका लाइव शो का सिललिसा प्रदेश भर में चलने शुरू हो गया. आज के दौर में काकू राम ठाकुर प्रदेश के हर पंचायत स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के चंबा मिंजर, कुल्लू दशहरा और मंडी शिवरात्रि तक के हर क्षेत्र में लाइव शो करते हैं.

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