धर्मशाला: चीनी जासूस द्वारा किये जा रहे खुलासों से हड़कंप, धर्मगुरु दलाई लामा की कर रहा था जासूसी

दलाई लामा इनदिनों ऑनलाइन अपने अनुयायियों को संबोधित करते हैं.

दलाई लामा इनदिनों ऑनलाइन अपने अनुयायियों को संबोधित करते हैं.

लुओ सांग ने चार्ली पेंग (Charlie Pang) के नाम से फ़र्जी आईकार्ड बनाया हुआ था. वह दिल्ली मजनू का टीला इलाके में साल 2014 में आया था . दलाई लामा की सुरक्षा और सख्‍त कर दी गई है.

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धर्मशाला. एक हजार करोड़ रुपये के हवाला रैकेट में गिरफ्तार (Arrest) किये गये चीनी नागरिक चार्ली पेंग उर्फ लुओ सांग से भारतीय जांच एजेंसियां सख्ती से पूछताछ कर रही हैं. जानकारी के मुताबिक, इसी पूछताछ के दौरान इस चीनी नागरिक ने बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा (The Dalai Lama) की सिक्योरिटी लूज़ करने का भी प्रोपेगैंडा बना रखा था और यह एक चीनी एजेंट के तौर पर भी कार्य कर रहा था.

सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह शख्स चार्ली पेंग नाम की फर्जी आईडी कार्ड से बीते 6 सालों से न केवल दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में रह रहा था, बल्कि यहां रहने वाले निर्वासित तिब्बतियन लामाओं के भी संपर्क में था और उन्हें भी मोटी रकम देकर बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से जुड़ी गोपनीय ख़बरें अपने आकाओं को भेजा करता था.

हालांकि, इन सब बातों की अभी अधिकारिक तौर पर किसी ने पुष्टी नहीं की है. बावजूद इसके धर्मशाला के मैकलोडगंज से चलने वाली निर्वासित तिब्बती सरकार में इस बात को लेकर खलबली मच चुकी है कि कोई चीनी एजेंट बहरूपिया बनकर उनकी महान हस्ती की ही सुरक्षा में बीते कई सालों से सेंधमारी कर रहा था और उन्हें इस बात की भनक तक भी नहीं लगी थी.

निर्वासित तिब्बती सरकार के डिप्टी स्पीकर येशी फुंत्सोक ने बताया कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह से उनके धर्मगुरु की चीन जासूसी करवा रहा था. बावजूद इसके धर्मशाला में धर्मगुरु दलाई लामा को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है. इसलिए क्योंकि यहां धर्मशाला पुलिस की ओर से सुऱक्षा के पुख्ता इंतजामात किये गये हैं.
फिर भी उन्हें ऐसे हालातों में और भी चौकस रहने की सख्त जरूरत है. वहीं, न्यूज़18 के साथ एसपी कांगड़ा की टेलिफोनिक स्तर पर हुई बातचीत में एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने कहा कि उन्हें भी इस तरह की घटना की जानकारी मिली है. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से उन्हें इस बाबत किसी भी तरह की कोई नोटिफिकेशन फिलहाल नहीं मिली है. बावजूद इसके यहां पुलिस पहले से ही सतर्क है और सतर्क रहेगी. फिर भी अगर सुरक्षा एजेंसियां उन्हें इस बारे में सतर्कता बरतने की बात कहेगी तो ज़रूर दूसरी रणनीति अख्तियार की जायेगी.
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