Kangra Cloud Burst: मलबे में दबी थी 8 साल की वंशिका, अपने टीचर को किया फोन, फिर रात को हुई रेस्क्यू

वंदिका का इलाज पीजीआई में चल रहा है.

Cloud Burst in Kangra: बीते 12 जुलाई को कांगड़ा जिले में आए इस जलजले में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें पांच लोग अब भी लापता हैं. मृतकों में 11 साल की बच्ची नेहा के अलावा, पंजाबी गायक मनजीत सिंह भी शामिल हैं.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले (Kangra) में भारी बारिश (Heavy Rainfall) के बाद अब भी जिंदगी की तलाश जारी है. अब तक शाहपुर के बोह (Boh Cloud Burst) के रुपेहड़ गांव से पांच लाशें बरामद हो चुकी है. इनमें से चार मंगलवार को मिली है. वहीं, मलबे से पांच लोगों को बचाया गया है. इनमें सात और आठ साल की दो बच्चियां भी हैं. आठ साल की वंशिका को सोमवार देर रात को ग्रामीणों ने रेस्क्यू किया है. बच्ची को एक फोन कॉल ने बचा लिया. वर्ना उसकी भी जान जा सकती थी. बच्ची को सोमवार रात को दस बजे के करीब रेस्क्यू किया गया है. फिलहाल, बच्ची का इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है.

जानकारी के अनुसार, वंशिका (08) पुत्री कमलेश कुमार तीसरी क्लास में पढ़ती है. वह मलबा आने के बाद अपने परिवार के साथ मकान के अंदर फंस गई थी. वह एक कमरे में ट्रैप्ड थी. इस दौरान जब उसे कुछ नहीं सूझा तो उसने अपने स्कूल के टीचर सुरिंदर को फोन कर जानकारी दी की कि वह मकान के अंदर फंस गई है.  वैसे तो वंशिका का परिवार मूल रूप से जिला चंबा के सिहुंता से हैं. वंशिका के पिता लेंको हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं, इसलिए वह यहां किराये के मकान में रहते हैं. सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे भूस्खलन हुआ और इसकी चपेट में 15 लोग आ गए थे. मलबे में आठ वर्षीय वंशिका, उसके पिता, मां और डेढ़ साल का भाई भी दब गया था. मासूम का चेहरा मकान की दीवार की ओर था और इस कारण वह होश में थी. उस समय उसके हाथ में मोबाइल फोन था. बच्ची ने मोबाइल से अपने अध्यापक सुरेंद्र कुमार को फोन किया था.

क्या कहते हैं सुरिंदर
न्यूज18 से बातचीत में सुरिंदर ने बताया कि वह गांव के ही स्कूल में जेबीटी शिक्षक हैं. घटना वाले दिन सोमवार सुबह से लगातार बारिश हो रही थी. ऐसा लगा कि बादल फट गया हो. सुरिंदर बताते हैं कि उनकी शिष्या वंदिका का उन्हें जान बचाने को लेकर फोन आया. सुरिंदर की मानें तो उस वक्त उन्हें कुछ नहीं सूझा और बच्ची को बचाने के लिए स्थानीय लोगों की मदद ली और बच्ची को उस मलबे से बाहर निकाला. बच्ची के अलावा, इस दौरान ग्रामीणों ने चार अन्य लोगों को भी बाहर निकालने में सफलता हासिल की.

पांच लोगों की जान बचाई
उन्होंने बताया कि पहले दिन राहत और बचाव कार्य में सिर्फ स्थानीय लोग ही अपना भरपूर सहयोग दे पाए और पांच लोगों की जान बचाने में सफल हो सके जबकि शाहपुर-वोह रोड जगह जगह डैमेज होने के चलते राहत और बचाव कार्य के लिये भेजी गई टीमें आधी रात तक ही बोह में नहीं पहुंच सकीं थी.

परिवार अस्पताल में भर्ती

बच्ची के पिता सिविल अस्पताल शाहपुर में भर्ती हैं. इसके बाद बच्ची को सिविल अस्पताल शाहपुर अस्पताल लाया गया, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा रेफर कर दिया. बाद में बच्ची को पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया है और वहां उसकी हालत गंभीर है. बच्ची की मां और भाई भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं.

कांगड़ा में अब तक सात मौतें
बीते 12 जुलाई को कांगड़ा जिले में आए इस जलजले में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें पांच लोग अब भी लापता हैं. मृतकों में 11 साल की बच्ची नेहा के अलावा, पंजाबी गायक मनजीत सिंह भी शामिल हैं. मनजीत करेरी लेक के पास नाले में बह गए थे. वहीं, बोह इलाके के मलबे में अब बी एनडीआरफ की टीमें जिंदगी की तलाश कर रही हैं.

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