हिमाचल उपचुनाव: धर्मशाला से कांग्रेस प्रत्याशी विजय इंद्र कर्ण की जमानत जब्त

धर्मशाला से कांग्रेस प्रत्याशी विजय इंद्र कर्ण हार गए हैं.
धर्मशाला से कांग्रेस प्रत्याशी विजय इंद्र कर्ण हार गए हैं.

By-Election in Himachal: धर्मशाला सीट से 2012 में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. सुधीर शर्मा यहां से जीते थे और कांग्रेस सरकार में मंत्री बने थे. 2012 में हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी थी. 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा के किशन कपूर ने सुधीर शर्मा को हराया था.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश की धर्मशाला सीट (Dharamshala) पर कांग्रेस सेंध नहीं लगा पाई है. 2012 में यहां से जीती कांग्रेस 2017 में हार गई थी. अब 2019 के उपचुनाव (By-Election) में भी कांग्रेस (Congress) प्रत्याशी हारे हैं. बड़ी बात यह है कि इस बार कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे और अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए. उपचुनाव में कांग्रेस (Congress) उम्मीदवार विजय इंद्र कर्ण (Vijay Inder Karan) की जमानत जब्त हो गई है. कांग्रेस उम्मीदवार को कुल डाले गए 52,939 वोट का छठा हिस्सा भी नहीं मिला और भाजपा (BJP) के विशाल नैहरिया ने 6758 वोट से जीत दर्ज की.

15.64 फीसदी वोट मिले
भाजपा (BJP) के विशाल नैहरिया को जहां 23,498 वोट मिले. वहीं, भाजपा से बागी और निर्दलीय उम्मीदवार राकेश कुमार 16,740 वोट मिले हैं. वह दूसरे नंबर पर रहे. कांग्रेस उम्मीदवार विजय इंद्र कर्ण को सिर्फ 8212 वोट ही मिले. उन्हें कुल वैध मतों का 16.67 फीसदी मिलना चाहिए था, लेकिन विजय इंद्र कर्ण को 15.64 फीसदी वोट मिले हैं.

विजय इंद्र कर्ण को 15.64 फीसदी वोट मिले हैं.
विजय इंद्र कर्ण को 15.64 फीसदी वोट मिले हैं.

इन्हें मिले इतने वोट


धर्मशाला से कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे. आजाद प्रत्याशी पुनीश शर्मा को 2345, स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी को 887, निर्दलीय प्रत्याशी निशा कटोच को 435, सुभाष चंद शुक्ला को 368 वोट मिले और 430 मतदाताओं ने नोटा दबाया है.

विजय इंद्र के आरोप
कांग्रेस प्रत्याशी विजय इंद्र कर्ण ने नतीजों से एक दिन पहले 23 अक्टूबर को धर्मशाला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अपनी ही पार्टी के सुधीर शर्मा पर चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ काम करने के आरोप लगाए था. उन्होंने कहा था कि सुधीर ने चुनाव में उनके खिलाफ काम किया. हालांकि, सुधीर ने यह आरोप नकार दिए थे.

2012 में कांग्रेस जीती थी
धर्मशाला सीट से 2012 में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. सुधीर शर्मा यहां से जीते थे और कांग्रेस सरकार में मंत्री बने थे. 2012 में हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी थी. 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा के किशन कपूर ने सुधीर शर्मा को हराया था. किशन कपूर लोकसभा चुनाव में कांगड़ा से सांसद चुने गए हैं और इस वजह से यह सीट खाली हुई थी.

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