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हिमाचल विधानसभा का शीत सत्र: विरोध के बीच उद्योगों से जुड़ा बिल पास, कांग्रेस का वॉकआउट

Bichitar Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 13, 2019, 5:28 PM IST
हिमाचल विधानसभा का शीत सत्र: विरोध के बीच उद्योगों से जुड़ा बिल पास, कांग्रेस का वॉकआउट
धर्मशाला में विधानसभा के शीत सत्र से कांग्रेस ने वॉकआउट किया है.

Himachal Assembly Winter Session: उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) विधानसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विधेयक 2019 पेश किया.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश विधानसभा (Himachal Pradesh Vidhansabha) के शीत सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को कांग्रेस (Congress) ने सदन से फिर वॉकआउट (WalkOut) किया. अब तक हुए पांच दिन के सत्र में कांग्रेस चार सत्रों से वॉकआउट कर चुकी है. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की स्थापना बिल पर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई. इसके बाद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चल गए.

उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विधेयक 2019 को सदन में पेश किया, जिसमें उद्योगों की स्थापना के लिए अनुमोदनों और निरीक्षणों के छूट देने का प्रावधान है. बाद में यह बिल पारित हो गया. विपक्षी सदस्यों ने उस पर सवाल उठाए और संतोषजनक जवाब न मिलने पर सदन में नोकझोंक हुई और समूचा विपक्ष सदन से बाहर चला गया.

बिल के तहत, राज्य सरकार ने व्यवस्था की है कि नया उद्योग लगाने को तीन साल तक एनओसी लेने की जरूरत नहीं होगी. प्रदेश सरकार उद्योगपतियों को राहत देने के लिए पहले ही इस पर अध्यादेश ला चुकी है।

कार्यवाही शुरू होते ही मुकेश ने सरकार को घेरा

के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने जयराम सरकार को घेरने का प्रयास किया. मामला हरियाणा के कुंडली के पास हिमाचल सरकार की एचपीएमसी से जुड़ी जमीन का था. सरकार उसे बेचना चाहती है, जिस बाबत कैबिनेट में भी चर्चा हुई है. क्योंकि, प्रदेश सरकार के इस जमीन पर रखरखाव पर ही 65 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं. साथ ही इस पर अवैध कब्जे भी हो गए हैं. हालांकि, सरकार का पक्ष है कि इसे बेहतर दाम पर बेचने जा रही है. लेकिन नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री इस मसले पर सरकार को घेरने में लगे रहे.

जमीन पर अतिक्रमण, दो कोर्ट केस
गौर रहे कि बीते दिन हिमाचल मंत्रिमंडल ने हरियाणा के कुंडली स्थित जमीन को बेचने का फैसला लिया है. सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यह बैठक धर्मशाला के तपोवन स्थित विधान भवन में हुई. यह जमीन पहले एचपीएमसी के पास थी, जिसे बाद में जीएडी को ट्रांसफर किया गया था. इस जमीन पर बहुत अतिक्रमण हो रहे हैं, दो कोर्ट केस भी चल रहे हैं. इससे परेशान होकर सरकार ने सारे झमेले से बचने के लिए इसे खुली नीलामी में बेचने का फैसला लिया है. इस पर आज नेता प्रतिपक्ष अग्निहोत्री ने सरकार को घेरा और कहा कि सरकार जमीन खरीद नहीं सकती तो बेचने का भी न सोचे.
धर्मशाला में विधानसभा के शीत सत्र से कांग्रेस ने वॉकआउट किया है. (FILE PHOTO)
गुरुवार को धर्मशाला में विधानसभा के शीत सत्र से कांग्रेस ने वॉकआउट किया था. (FILE PHOTO)


प्राइम लोकेशन पर जमीन
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह जमीन प्राइम लोकेशन पर है और यह स्थान दिल्ली से महज 40 से 50 मिनट की दूरी पर है. उन्होंने कहा कि भविष्य में दिल्ली में जमीन नहीं मिलेगी और न ही सरकार खरीद पाएगी, इसलिए सरकार इसे बेचने का निर्णय छोड़े और यहां पर रेस्ट हाउस या सर्किट हाउस बनाए. वहीं सैंकड़ों ट्रक सेब के जाते हैं, उन्हें खड़ा करने के लिए भी यह स्थान इस्तेमाल किया जा सकता है. मुकेश ने कहा कि सरकार अतिक्रमण के डर से जमीन बेचने की बात कर रही है, जो कि तर्कसंगत नहीं है. हरियाणा में भी बीजेपी की सरकार है और सरकार अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उस मसले को सुलझाने का काम करे, ना कि बेचने पर उतारू हो जाए.

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First published: December 13, 2019, 3:31 PM IST
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