Tourism in Himachal: कोरोना की दूसरी लहर से हिमाचल की टूरिज्म इंडस्ट्री पर फिर आया संकट

शिमला में हर साल बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं.. (FILE PHOTO)

शिमला में हर साल बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं.. (FILE PHOTO)

Corona impact on Himachal Tourism Industry: सीएम जयराम ठाकुर ने हाल ही में कहा कि बॉर्डर पर किसी भी शख्स को रोका नहीं जाएगा. होटलों को टूरिस्ट की रिपोर्ट देखनी होगी और साथ ही गाइडलाइन्स फोलो करनी होगी. टूरिज्म सेक्टर को बंद नहीं किया जाएगा.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश में कोरोना (Corona Virus) की पहली लहर में टूरिज्म सेक्टर की कमर टूट गई थी. बाद में जब मामले कम हुए तो सितंबर 2020 में हिमाचल (Himachal Pradesh) का टूरिज्म सेक्टर खुला था और मामले कम होने पर फिर से टूरिस्ट प्रदेश की ओर रुख करने लगे थे. लेकिन अब कोरोना की दूसरी लहर में फिर से हिमाचल की टूरिज्ट इंडस्ट्री (Tourism Industry) बेपटरी हो गई है. सात राज्यों से आने वाले टूरिस्ट और लोगों के लिए कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट लाने के आदेश से टूरिज्म सेक्टर को काफी झटका लगा है.

कहां-कहां पड़ा असर

दूसरा पर्यटन सीज़न भी कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ने लगा है. अभी पर्यटन सीज़न की शुरूआत ही हुई थी कि कोरोना संक्रमण के मामलों में इज़ाफ़ा होने से सरकार की ओर से लगाई गई बंदिशों के चलते शिमला, मनाली और धर्मशाला सहित कई टूरिस्ट स्थलों पर होटलों की 90 फ़ीसदी से अधिक बुकिंग रद्द हो गई है. इसका सीधा असर होटल टैक्सी ऑटो टैंटिंग साइट्स, ट्रैकिंग गाइड्स समेत रेहड़ी-फड़ी से लेकर बड़े कारोबारी तक पर पड़ रहा है. पर्यटन कारोबार से जुड़े तमाम लोग तबाही के कगार पर पहुंचने लगे हैं. मंडी में एक निजी होटल में काम करने वाले राकेश कुमार ने बताया कि टूरिस्ट अब नाममात्र आ रहे हैं और वेतन रोक दिया गया है.

सैलरी रोकी गई
आलम ये है कि होटलों सहित अन्य पर्यटन संस्थानों में काम करने वाले सैकड़ों ही लोगों को कारोबारियों ने घर भेज दिया है. यानी उन्हें इस साल भी वेतन न मिलने से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जायेगा. इसके अलावा नये बने होटलों और अन्य नये शुरू किये गये काम-धंधों वाले लोगों को भी बैंक लोन और अन्य कर्जे भरने का बड़ा डर सताने लगा है. कोरोना संक्रमण के बढ़ने के ऐसे ही हालात रहे तो हैरान करने परिणाम सामने आ सकते हैं. वक्त रहते सरकार और प्रशासन को ऐसी विकट परिस्थितियों से निपटने की तैयारियां करनी होंगी.

क्या कहते हैं होटल कारोबारी

होटल फैडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी बाम्बा का कहना है कि सरकार और प्रशासन की ओर से सपष्ट दिशा निर्देश न मिलने से कारोबार बुरी तरह से चौपट हो गया है. होटल कारोबारी ऋण तले दबे जा रहै हैं, तो वहीं होटल एसोसिएशन के महासचिव विवेक महाजन की माने तो होटलों में काम करने वाले सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गये हैं और कई होने वाले हैं। जिससे होटल इंडस्ट्री में हाहाकार मची हुई है.



सीएम का बयान

सीएम जयराम ठाकुर ने हाल ही में कहा कि बॉर्डर पर किसी भी शख्स को रोका नहीं जाएगा. होटलों को टूरिस्ट की रिपोर्ट देखनी होगी और साथ ही गाइडलाइन्स फोलो करनी होगी. टूरिज्म सेक्टर को बंद नहीं किया जाएगा.
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