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हिमाचल के क्रशर्स को रोकने के लिए पंजाब में गुंडा टैक्स की वसूली, DC-पुलिस से शिकायत

Bichitar Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 11, 2020, 4:45 PM IST
हिमाचल के क्रशर्स को रोकने के लिए पंजाब में गुंडा टैक्स की वसूली, DC-पुलिस से शिकायत
धर्मशाला में क्रशर मालिक.

उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि क्रशर मालिकों ने उनसे मुलाकात की है और पंजाब में स्पलाई रोकने की बात कही है. इसका प्रशासन इस संबंध में कोई समाधान निकालने की कोशिश करेगा.

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धर्मशाला. हिमाचल (Himachal Pradesh) के क्रशर्स (Crushers) को रोकने के लिए पड़ोसी राज्य पंजाब (Punjab) में गुंडा टैक्स (Tax) वसूली का खेल चल रहा है. इससे न केवल हिमाचल के क्रशरों को नुकसान हो रहा है, बल्कि इससे प्रदेश सरकार को जाने वाले राजस्व में भी हर दिन लाखों का नुकसान हो रहा है.

पिछले कुछ दिनों से हिमाचल (Himachal) की सप्लाई को पंजाब जाने से रोकने के विरोध में क्रशर कारोबारी उद्योग मंत्री समेत उपायुक्त कांगड़ा (DC Kangra) से भी मुलाकात कर चुके हैं, बावजूद इसके उनकी क्रशर सप्लाई पर गुंडों की गुंडागर्दी बदस्तूर जारी है. क्रशर मालिकों ने चारों ओर से कोई ठोस परिणाम न आते देख अब मीडिया के समक्ष अपना दुखड़ा ज़ाहिर किया है.

डीसी और पुलिस को शिकायत
पंजाब से सटे हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों पर स्थित क्रशर उद्योग ने पंजाब के खनन माफिया द्वारा गुंडा टैक्स की शिकायत दर्ज कराई है. 42 उद्योगपतियों के एक समूह ने बाकायदा संबंधित विभागों, पुलिस विभाग और जिलाधीश को बाकायदा इसकी लिखित शिकायत भी दर्ज करवाई है. साथ ही उनकी इस बड़ी समस्या को सुलझाने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की मांग भी की है. क्रशर मालिकों ने कहा कि सरकार को भारी भरकम टैक्स देने के बावजूद भी आज उनका इंटरस्टेट व्यापार बंद हो गया है.

सीएम जयराम से मिलेंगे
क्रशर इकाइयों को चलाने वाले लोगों ने उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर से भी मुलाकात की है और इस सप्ताह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ इंदौरा क्षेत्र में एक बैठक भी तय की है. क्रशर मालिकों ने कहा कि सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बावजूद, पंजाब माफिया प्रति ट्रक 5000 रुपये मांग रहा है. वर्तमान में व्यापार बंद है. प्रदेश के क्रशर वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं है. जबकि हिमाचल की आपूर्ति लुधियाना, अमृतसर, होशियारपुर, जालंधर और पठानकोट क्षेत्रों में जाती है। इसके साथ ही सोलन, ऊना, सिरमौर और कांगड़ा में क्रशर मालिकों द्वारा औसतन 30,000 से 50,000 रुपये समेत हर रोज का 20 लाख रुपये का नुकसान सरकार का भी हो रहा है.

वाहनों को रोक दियाराहुल पठानिया, रणवीर निक्का सहित अन्य क्रशर मालिकों ने कहा कि अवैध व्यापार पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. लेकिन पंजाब में माफियाओं ने जीएसटी गुड्स एंड सर्विस टैक्स नंबर और खनन पट्टों के दस्तावेजों के होने के बावजूद सड़कों पर उचित अवरोध स्थापित किए हैं और वाहनों को रोक दिया है.उन्होंने कहा कि राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगभग 20 क्रशर हैं, जिन्होंने लगभग 4000 व्यक्तियों को रोजगार दिया है. वह हिमाचल को रॉयल्टी का भुगतान कर रहे हैं. संबंधित पंचायतों में भी योगदान दे रहे हैं. जिला खनिज फांउंडेशन ट्रस्ट में और अन्य सभी करों का भुगतान कर रहे हैं.

राज्य को भी नुकसान
सरकार को लिखी गई शिकायत में क्रशरों के मालिकों ने कहा है कि पंजाब के साथ व्यापार बंद होने के कारण राज्य को भी प्रति दिन 10 से 15 हजार का नुकसान हो रहा है. उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि क्रशर मालिकों ने उनसे मुलाकात की है और पंजाब में स्पलाई रोकने की बात कही है. इसका प्रशासन इस संबंध में कोई समाधान निकालने की कोशिश करेगा. उन्होंने कहा कि हम राज्य के अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करेंगे.

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First published: February 11, 2020, 4:45 PM IST
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