धर्मगुरु दलाई लामा ने दुनिया के नाम दिया संदेश, कोरोना संकट पर कही ये बात

दलाई लामा ने एक पत्र लिखा है. फाइल फोटो.

दलाई लामा ने एक पत्र लिखा है. फाइल फोटो.

तिब्बती मूल के बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा (Dalai Lama) ने एक ऑफिसियल पत्र लिखा है. इस पत्र में दलाई लामा ने दुनिया के नाम संदेश दिया है.

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सकोह. तिब्बती मूल के बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा (Dalai Lama) ने एक ऑफिसियल पत्र लिखा है. इस पत्र में दलाई लामा ने दुनिया के नाम संदेश दिया है. पत्र में उन्होंने लिखा कि 'उन्हें यह जानकर बेहद खुशी हो रही है कि यूरोपीय संघ के नेताओं ने कोरोना महामारी से उत्पन्न व्यवधान से अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बचाने के लिए उपायों के एक पैकेज पर सहमति देकर संगठन के इतिहास में सबसे कठिन चुनौतियों में से एक को पूरा करने में सफलता हासिल की है. उन्होंने लिखा है कि  एक बार फिर यूरोपीय संघ ने अपने सभी सदस्यों के साझा हितों को ध्यान में रखने के महत्व को दिखाया है. लगातार बातचीत और समझौतों के माध्यम से संबंधित नेता एक समझौते पर पहुंच गए हैं'.

दलाई लामा ने अपने पत्र में लिखा है कि 'यह दिखाता है कि दुनिया में ज्ञान और परिपक्वता अक्सर भावनात्मक संकटों से अस्थिर होती है.  हमेशा की तरह, मैं यह दोहराना चाहूंगा कि मैं यूरोपीय संघ की भावना की कितनी प्रशंसा करता हूं. मैं इसके लिये यूरोपीय संघ के नेताओं को बधाई देता हूं कि उन्होंने इस अवसर पर क्या हासिल किया है? मैं उन्हें जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के खतरे समेत अन्य चुनौतियों का सामना करने में हर सफलता की कामना करता हूं'. मेरा मानना ​​है कि एक मजबूत यूरोपीय संघ दूसरों के अनुसरण के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल है.

विश्व शांति की कामना

काबिलेगौर है कि दलाईलामा भले ही तिब्बत मूल के हैं, लेकिन हमेशा विश्व शांति की कामना करते हैं और यही वजह माना जाता है कि उनके अनुयायी पूरी दुनिया में हैं. इन दिनों देश के 2सौ से ज़्यादा सांसद दलाईलामा को भारत रत्न की उपाधि से विभूषित करने की मांग उठा रहे हैं. सांसद किशन कपूर ने तो उन्हें उनके 85वें जन्मदिन पर जन्हें इस बड़े सम्मान से नवाज़ने के लिये भारत सरकार से आग्रह कर चुके हैं.
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