हिमाचल: भक्त ने 4 किलो सोने और 30 किलो चांदी से सजाया माता बज्रेश्वरी देवी का सिंहासन

अंबाला के स्वर्ण कारीगर बिल्लू और उनके सहयोगियों ने कड़ी मेहनत से तैयार किया सिहांसन और पलंग

अंबाला के स्वर्ण कारीगर बिल्लू और उनके सहयोगियों ने कड़ी मेहनत से तैयार किया सिहांसन और पलंग

कांगड़ा जिले के मशहूर धार्मिक स्थल पर नवरात्र के दिनों में खूब आ रहे हैं भक्त. इसी क्रम में मंदिर को चढ़ावा भी मिल रहा है. एक भक्त ने देवी के लिए सिंहासन भेंट किया है, जिसे बनाने में में लगभग चार किलो सोना तथा 30 किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया है.

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कांगड़ा. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की धार्मिक शक्तिपीठों में भक्तों की भारी भीड़ आ रही है. कई भक्त खूब चढ़ावा चढ़ा रहे हैं. कांगड़ा के बज्रेश्वरी देवी मंदिर में एक भक्त ने माता के सिंहासन को 4 किलो सोना और 30 किलो चांदी के जेवरों से सजाया. सोने का सिंहासन दान करने वाले भक्त ने चांदी का पलंग भी मंदिर में चढ़ाया है.

बताया गया है कि सिंहासन और पलंग को अंबाला के प्रसिद्ध आरके ज्वेलर्स से जुड़े कारीगर बिल्लू वर्मा और उनके सहयोगी अमन सोनी, हिमांशु वर्मा और प्रवीण वर्मा ने एक माह की मेहनत के बाद तैयार किया है. इसके लिए मंदिर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा में एक विशेष कमरा उन्हें दिया गया था.

मंदिर के वरिष्ठ पुजारी राम प्रशाद शर्मा ने बताया कि सिंहासन भेंट करने वाले दानी सज्जन हर साल मकर संक्रांति पर 20 टीन देसी घी भी मंदिर में चढाते हैं.

थर्मल स्कैनिंग और पंजीकरण के बाद ही मंदिर में प्रवेश
बताया गया है कि इन दिनों सुबह पांच बजे मंदिर खुलते ही दूसरे राज्यों के श्रद्धालुओं की भीड़ आना शुरू हो जाती है. मंदिर अधिकारियों की मानें तो महामारी के मद्देनज़र मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था कर दी गयी है. दवा किया गया है कि भक्तों के पंजीकरण के बाद ही गर्भ गृह में प्रवेश करवाया जा रहा है. दरअसल कोरोना के कारन पिछले दिनों भक्तों की भीड़ में भारी कमी आ गई थी. लेकिन आने वाले दिनों में आस्था के सैलाब में बढ़ोतरी की उम्मीद लगाई जा रही है.
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