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कैंसर के इलाज के लिए मशहूर और दलाई लामा के निजी डॉक्टर रहे पद्मश्री डॉ. येशी का निधन

धर्मशाला: साल 2018 में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्मश्री सम्मान पाने वाले 73 लोगों में डॉ. येशी भी शामिल थे. (FILE PHOTO)
धर्मशाला: साल 2018 में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्मश्री सम्मान पाने वाले 73 लोगों में डॉ. येशी भी शामिल थे. (FILE PHOTO)

Dharamshala Famous Doctor Yeshi Doden Dies: डॉ. येशी डोंडन का जन्म 15 मई 1927 को लहोका (तिब्बत) में हुआ था. उनका परिवार नोगोक लोटसा और नोगो चोकेकु डोरजी के लोकप्रिय चिकित्सा वंश से आता है. उन्होंने बीस साल उम्र में डॉक्टरी की पढ़ाई कर ली थी.

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धर्मशाला. कैंसर (Cancer) के इलाज करने के लिए मशहूर डॉ. येशी ढोडेन (Dr. Yeshi Dhoden) का निधन हो गया. मंगलवार सुबह तड़के पौने तीन बजे हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के धर्मशाला (Dharamshala) के मैक्‍लोडगंज में 93 वर्षीय यशी ढोडेन ने अपने निवास अशोका होटल में आखिरी सांस ली. वह 93 साल के थे. शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार होगा.

डॉक्‍टर यशी एक साल से अस्‍वस्‍थ थे. इस कारण उन्होंने अस्‍पताल में बैठना भी कम कर दिया था. मैक्‍लोडगंज में होटल अशोका (Hotel Ashoka Dharamshala) के पास अस्‍पताल में लोगों का उपचार किया जाता है. यहां मरीजों की इतनी भीड़ रहती है कि पंजीकरण करवाने पर दो से तीन महीने के बाद बारी आती है. डॉक्‍टर यशी का निधन एक बड़ी क्षति है.

दलाई लामा के साथ डॉ. येशी. (File Photo)
दलाई लामा के साथ डॉ. येशी. (File Photo)




पद्मश्री सम्मान मिला था
साल 2018 में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्मश्री (Padam Shri) सम्मान पाने वाले 73 लोगों में डॉ. येशी भी शामिल रहे थे. उन्हें धर्मशाला में तिब्बती औषधि चिकित्सा प्रणाली से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की ठीक करने का श्रेय जाता है. डॉ. येशी डोंडन का जन्म 15 मई 1927 को लहोका (तिब्बत) में हुआ था. उनका परिवार नोगोक लोटसा और नोगो चोकेकु डोरजी के लोकप्रिय चिकित्सा वंश से आता है. उन्होंने बीस साल उम्र में डॉक्टरी की पढ़ाई कर ली थी.

धर्मशाला में मरीजों का इलाज करते हुए डॉ. येशी. (FILE PHOTO)
धर्मशाला में मरीजों का इलाज करते हुए डॉ. येशी. (FILE PHOTO)


दलाई लामा के निजी डॉक्टर भी रहे
साल 1960 में उन्होंने तिब्बती मेडिकल कॉलेज की स्थापना की, जिसके वह 1979 तक निदेशक और प्रिंसिपल रहे. येशी 1960 से 1980 तक बीस साल तक धर्मगुरु दलाईलामा के निजी चिकित्सक भी रहे. वह हर्बल दवाओं और तिब्बती पद्धति से कैंसर पी़ड़ितों का इलाज करते थे. उनके क्लीनिक में मैक्लॉडगंज और धर्मशाला में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते थे.

कैंसर के लिए इलाज के लिए जाने जाते हैं डॉक्टर येशी
डॉक्टर येशी दुनिया के प्रमुख तिब्बती डॉक्टरों में से एक थे. पिछले 50 वर्षों के दौरान उन्होंने सभी प्रकार की बीमारियों के साथ सफलतापूर्वक इलाज किया, लेकिन, कैंसर के लिए इलाज के लिए उन्हें खासतौर पर जाना जाता था. दावा है कि उन्होंने स्तन कैंसर के साथ सहित दुनिया भर से हजारों कैंसर रोगियों का इलाज किया है. उनके उपचार में मूल रूप से प्राचीन तिब्बती पद्धति का इस्तेमाल होता था.

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