घरेलू उड़ानों के लिए सक्षम नहीं गग्गल एयरपोर्ट, सरकार उड़ाना चाहती है एयरक्राफ्ट

क्या इस एयरपोर्ट से सेना के एयरक्राफ्टों को उड़ा कर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा?

News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 2:59 PM IST
घरेलू उड़ानों के लिए सक्षम नहीं गग्गल एयरपोर्ट, सरकार उड़ाना चाहती है एयरक्राफ्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर.
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Updated: March 14, 2018, 2:59 PM IST
हिमाचल के कांगड़ा में गग्गल एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर भले ही प्रदेश सरकार पूरजोर तरीके से प्रयासरत हो, लेकिन गग्गल एयरपोर्ट अथॉरिटी कुछ और ही वाकया बयां कर रही है.

एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक साल 2016-17 के लिए अथॉरिटी की और से एक मास्टर प्लान तैयार किया गया था. इसमें एयरपोर्ट के विस्तार और उड़ानों से संबंधित कुछ तकनीकी खामियों को पूरा करने पर जोर दिया गया था.

दरअसल, वर्तमान में गग्गल एयरपोर्ट की लंबाई 1372 मीटर है, जो कि घरेलू उड़ानों के लिए भी पूरी तरह से सक्षम नहीं है, जिसको देखते हुए इस लंबाई को 18 सौ मीटर करने की योजना तैयार की गई थी.

इसके लिए अतिरिक्त 153 एकड़ भूमि की ज़रूरत है. इसकी राज्य सरकार से मांग की गई थी, ताकि जो उड़ानें गग्गल एयरपोर्ट से हो रही हैं, वो भी फुल कैपेस्टी के साथ हो सकें.

इसके साथ ही सुरक्षा के नजरिये से एयरपोर्ट पर डीवीआर सिस्टम को दरुस्त करने पर भी बल दिया गया था. वाबजूद इसके सरकार की ओर से अभी तक एयरपोर्ट अथॉरिटी को कड़ी मशक्कत के बाद भी महज 29 एकड़ भूमि ही मिल पाई है.

जो कि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है. जहां एक और गग्गल एयरपोर्ट अपनी फुल कैपेस्टी को पूरा करने के लिए भूमि को लेकर जद्दोजहद कर रहा है. वहीं, दूसरी और वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गाहें-बगाहें गग्गल एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर न केवल अपने सार्वजनिक भाषणों में जिक्र करते हैं, बल्कि यहां से सैन्य गतिविधियों को शुरू करवाने के लिए केंद्र में जाकर केंद्रीय सुरक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात कर चुके हैं.

ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि जहां एयरपोर्ट अथॉरिटी इस एयरपोर्ट को घरेलू उड़ानों तक के लिए सक्षम नहीं बना पा रही, वहीं क्या इस एयरपोर्ट से सेना के एयरक्राफ्टों को उड़ा कर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा?
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