शराब ठेके का महिलाओं के उग्र विरोध मामले में आया नया मोड़

जमूली में शराब के ठेके का महिलाओं के उग्र विरोध के बाद ठेका खोलने का परमिशन रद कर दिया गया है लेकिन इस पूरे प्रकरण में फिर एक नया मोड़ आ गया है.

ब्रजेश यादव | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 3, 2019, 6:41 PM IST
ब्रजेश यादव | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 3, 2019, 6:41 PM IST
इन दिनों ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के जमूली गांव की महिलाएं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. उनके भारी विरोध के बाद डीसी कांगड़ा के आदेश से जमूली में शराब ठेका खोलने की परमिशन रद हो गई है लेकिन मामला अब भी सुर्खियों में है. गत हफ्ते दरीन पंचायत की महिलाओं ने शराब के ठेके का विरोध किया था और जमकर तोड़फोड़ भी की थी. तब उग्र महिलाओं ने राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक रमेश धवाला के खिलाफ भी अपना गुबार निकाला था. महिलाओं ने धवाला के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए और पुतला जलाने की धमकी दी. इसी बात से रमेश धवाला खफा हो गए. वहीं मंगलवार को देहरा के बचत भवन में 07 जुलाई को होने वाली ग्राम सभाओं में विकास कार्यों को लेकर चर्चा हो रही थी, जिसमें 64 पंचायतों के प्रधान, सचिव, बीडीओ, डीएफओ सहित कई कर्मचारी मौजूद थे. तभी दरीन पंचायत की प्रधान सरोज कुमारी ने सदन में माइक पर शराब के ठेके के विरोध में उनके खिलाफ हो रहे दुष्प्रचार की बात उजागर कर दी. प्रधान पर ये आरोप लगाया जा रहा है कि जमूली में शराब का ठेका खोलने के लिए सरोज कुमारी ने ही सम्बंधित शराब के ठेकेदार को एनओसी जारी की है, जिसमें प्रधान के मोहर सहित हस्ताक्षर किए गए हैं.

विधायक धवाला भी हैं महिलाओं से खफा

धवाला भी महिलाओं से खफा हैं. धवाला ने कहा कि जब उन्हें इस बात का पता चला तो उन्होंने महिलाओं के इस हौसले पर खुशी जाहिर की थी लेकिन महिलाओं के इस आक्रोश का ठीकरा अब वहां की प्रधान के सिर फोड़ा जा रहा है. ये रहस्य अब जांच के बाद ही खुल पाएगा कि इसमें दोषी कौन है. धवाला ये आरोप लगा रहे हैं कि जब शराब का ठेका खोलने के लिए प्रधान सरोज कुमारी ने ही परमिशन दी है तो उनके खिलाफ नारेबाजी क्यों की गई और उनका पुतला फूंकने की धमकी क्यों दी गई?

मिलान के लिए लैब में भेजे जाएंगे हस्ताक्षर 

मंगलवार सुबह ही शराब के ठेकेदार द्वारा ये शिकायत बीडीओ कार्यालय में दी गई है कि उन्हें खुद प्रधान ने शराब का ठेका खोलने की परमिशन दी है. शिकायत के साथ प्रधान द्वारा ठेका खोलने के लिए मोहर व हस्ताक्षर सहित दी गई प्रतिलिपि भी संलग्न की गई है. अब कार्यालय से हस्ताक्षर मिलान के लिए लैब में भेजे जाएंगे उसके बाद विभाग कार्रवाई करेगा.

धवाला का पूरे प्रकरण में सामने नहीं आना बना रोष का कारण

दरीन पंचायत की प्रधान सरोज कुमारी ने कहा कि उनकी पंचायत में बिना परमिशन ठेका खोला गया था, जिसके बारे में एसडीएम ज्वालामुखी व एक्ससाइज डिपार्टमेंट से भी बात हुई. उन्होंने कहा कि 12 दिनों तक धरना दिया गया था. उन्होंने कहा कि अब डीसी कांगड़ा के आदेशों से ठेके को बंद कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक रमेश धवाला का इस पूरे प्रकरण में न आना ही महिलाओं के रोष का कारण बना.
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(रिपोर्ट- बरजेश्वर साकी )

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First published: July 3, 2019, 6:41 PM IST
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