Assembly Banner 2021

कांगड़ा: फतेहपुर उपचुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज, त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

फतेहपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में त्रिकोणीण मुकाबले के आसार हैं.

फतेहपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में त्रिकोणीण मुकाबले के आसार हैं.

Fatehpur byPoll: कांग्रेस के वायोवृद्ध नेता सुजान सिंह पठानिया के निधन के चलते खाली हुई फतेहपुर सीट पर उपचुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस उनके बेटे भवानी पठानिया को टिकट देना चाहती है. भाजपा में भी एक आनार सौ बीमार की स्थिती नजर आ रही है. भाजपा के बागी डॉ राजन सुशांत भी इस बार अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं.

  • Share this:
कांगड़ा. फतेहपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. हालांकि अभी उपचुनाव को लेकर सरकार की ओर से किसी भी तरह की कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया. इस बार मुकाबला त्रिकोणीण होने के फिर से आसार हैं. यह सीट कांग्रेस के वायोवृद्ध नेता सुजान सिंह पठानिया के निधन के चलते खाली हुई है. 12 फरवरी को उनका आकस्मिक निधन हो गया था. दिवंग्त विधायक सुजान सिंह पठानिया के बेटे भवानी पठानिया ने अभी तक चुनाव लड़ने के लिए हामी नहीं हैं. अगर वो हामी भरते हैं तो कांग्रेस को सहानुभूति लहर का फायदा मिल सकता है. भाजपा भी सीट को जीतने के लिए जीतोड़ प्रयास करेगी. भाजपा से बागी हो चुके डॉ. सुशांत ने अभी से इस सीट को जीतने का दावा करना शुरू कर दिया है.

दरअसल, 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के वायोवृद्ध नेता सुजान सिंह पठानिया ने उस वक्त मोदी लहर के बावजूद भी भाजपा के वरिष्ठ नेता कृपाल परमार को शिकस्त देते हुए शानदार जीत हासिल की थी. इसमें हैरत की बात यह थी कि सुजान सिंह पठानिया उस वक्त बीमारी के कारण एक भी दिन चुनाव प्रचार के लिए विधानसभा क्षेत्र में भी नहीं जा पाए थे. फिर भी उन्होंने भाजपा समेत दूसरे कई दिग्गज नेताओं को धूल चटाते हुए कांग्रेस का परचम लहराया था.

आज जब सुजान सिंह पठानिया नहीं रहे तो उसके बाद एक बार फिर से फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव होना तय हो चुका है. ऐसे में कांग्रेस उनके बेटे भवानी पठानिया को टिकट देकर मैदान में उतारने का मन बना चुकी है. हालांकि भवानी पठानिया का राजनीति के प्रति उतना लगाव नहीं है. वह कभी भी किसी राजनीतिक कार्यक्रम भी नजर नहीं आए. उनके पिता के साथ पार्टी के लिये दिन-रात काम करने वाले कई कार्यकर्ता जरूर हाईकमान के साथ संपर्क साधने में मशगूल हो गए हैं.



भाजपा में भी एक आनार सौ बीमार की स्थिती नजर आ रही है. पूर्व में सुजान सिंह पठानिया को टक्कर देने वाले भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य रहे कृपाल परमार फिर से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं. कभी भाजपा के बैनर से लोकसभा सांसद, तो कभी विधायक और मंत्री रहने के बाद बागी हो चुके डॉ राजन
सुशांत भी इस मौके को अपने भाग्य का उदय मानकर चल रहे हैं. डॉ. सुशांत हमारी पार्टी हिमाचल पार्टी नाम से अपना ही एक बैनर तैयार कर चुके हैं. सुशांत की मानें तो वो इस उपचुनाव में अबकी बार हमारी पार्टी हिमाचल पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज