Home /News /himachal-pradesh /

फतेहपुर चुनाव: रियाली के बाद अब टटबाली में किसानों ने भाजपा प्रत्याशी किया विरोध, लौटाया बैरंग

फतेहपुर चुनाव: रियाली के बाद अब टटबाली में किसानों ने भाजपा प्रत्याशी किया विरोध, लौटाया बैरंग

भाजपा को अपने प्रचार प्रसार के दौरान किसी दूसरी जगह टटबाली में लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा है.

भाजपा को अपने प्रचार प्रसार के दौरान किसी दूसरी जगह टटबाली में लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा है.

Fatehpur By-elections:जनता का उम्मीदवारों के प्रति इस तरह के रोष से एक बात तो साफ जाहिर हो रही है कि किसान बहुल इस इलाके में किसानों के साथ हमेशा से सरकारों की बेरुखी ही नजर आती रही है. शायद यही वजह है कि यहां के किसानों को अपनी साल भर की जमा पूंजी को लेकर पंजाब के प्रति मोहताज होना पड़ता है.

अधिक पढ़ें ...

धर्मशाला (कांगड़ा). हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर उपचुनाव को मद्देनजर रखते हुये भले ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यहां बीसीओं दौरे करके अपनी मितव्ययी बातों से लोगों का दिल जीतने की भरपूर कोशिश की हो और लोगों को आश्वासनों के सैकड़ों लोलीपॉप दिये हों, मगर दूसरी ओर भाजपा के प्रत्याशी बलदेव ठाकुर को अपने ही क्षेत्र में लोगों की मुखरता का इस कदर सामना करना पड़ रहा है कि उन्हें बार-बार अपने प्रचार—प्रसार के दौरान शर्मिंदा होना पड़ रहा है.

पहले जहां रियाली पंचायत में अनाज मंडी खुलवाने के मुद्दे पर बलदेव ठाकुर को हंसी का पात्र और वहां की स्थानीय जनता का विरोध सहना पड़ा था. एक बार फिर से अपने प्रचार प्रसार के दौरान किसी दूसरी जगह टटबाली में लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा है. ऐसा नहीं कि जनता का इस तरह का रोष आक्रोश सिर्फ भाजपा के प्रत्याशी के लिये ही है, बल्कि कांग्रेस के लिये भी ये जनता कोई पलकें बिछाकर नहीं बैठी हुई है, उन्हें भी इसी तरह का विरोध सहना पड़ रहा है.

किसानों में पार्टियों के लिए गुस्सा

जनता का उम्मीदवारों के प्रति इस तरह के रोष से एक बात तो साफ जाहिर हो रही है कि किसान बहुल इस इलाके में किसानों के साथ हमेशा से सरकारों की बेरुखी ही नजर आती रही है. शायद यही वजह है कि यहां के किसानों को अपनी साल भर की जमा पूंजी को लेकर पंजाब के प्रति मोहताज होना पड़ता है, जहां न तो उनके लिये प्राथमिक स्तर पर तवज्जो मिलती है और नहीं दाम उचित मिल पाते हैं, जिसका खामियाजा मंड क्षेत्र के किसानों को हर साल झेलना पड़ता है. अब इसी मुद्दे को लेकर किसानों ने तमाम पार्टियों के प्रत्याशियों को घेरना शुरू कर दिया है, किसान जानते हैं कि ये वक्त उनके लिये सुनहरा वक्त है, किसान जानते हैं कि वो आज ही अपनी मांगें मनवा सकते हैं, इसलिये क्योंकि अभी इलेक्शन का दौर है उसके बाद तो फिर उन्हें सत्तासीन सरकार और नुमाइंदों के ही मोहताज़ रहना होता है.

Tags: Himachal election, Himachal pradesh

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर