जब कॉलेज के साथी रहे सुजान सिंह पठानिया को याद कर भावुक हुए पूर्व CM धूमल

हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल और स्वर्गीय कांग्रेस विधायक सुजान सिंह पठानिया. (File Photo)

हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल और स्वर्गीय कांग्रेस विधायक सुजान सिंह पठानिया. (File Photo)

हाल ही में 12 फरवरी को कांग्रेस विधायक सुजान सिंह पठानिया का निधन हो गया था. वह लंबे समय से बीमार थे. वह वीरभद्र सरकार में मंत्री भी रहे थे.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल (Prem Kumar Dhumal) और पूर्व जनस्वास्थ्य मन्त्री और देहरा के विधायक ठाकुर रविन्द्र सिह रवि ने कांग्रेस के दिवंगत विधायक सुजान सिंह पठानिया के परिजनों से मुलाकात की.

शुक्रवार को धूमल और रवि कांगड़ा (Kangra) के विधानसभा फतेहपुर के गांब मंझार पहुंचे, यहां उन्होंने पठानिया के परिजनों के साथ मुलाकात की और उन्हें इस दुख की घड़ी में इस सदमें से उभरने के लिए ढांढस बंधाया.

परानी यादों का किया जिक्र

साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और पूर्व मंत्री रविन्द्र सिंह रवि ने उनके समकक्ष रह चुके दिवंगत सुजान सिंह पठानिया से जुड़े कई खट्टे-मीठे किस्सों को भी उजागर किया. हालांकि, दुःख की इस घड़ी में हर कोई गमगीन था. बावजूद इसके उनके साथ जुड़ी यादों का जब जिक्र होने लगा तो सदमे के आगोश में बैठा हर शख्स भी बड़े चाव से उन किस्सों का लुत्फ़ उठाने लगा. इस दौरान हल्की फ़ुल्की हसीं के साथ कई के आंखों में उनकी इन्हीं यादों के ज़िक्र के बाद आंसु भी आ गए.
कांगड़ा में पठानिया के घर पहुंचे प्रेम कुमार धूमल.


धूमल और पठानिया एक साथ पढ़े थे

इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सुजान सिंह पठानिया उनके कॉलेज के साथी रहे हैं. उनकी कई यादें आज भी जहन में तरोताज़ा हैं, यहां आकर यूं प्रतीत होता है जैसे फिर से उन्हीं पुराने दिनों में चले गये हैं. उन्होंने कहा कि होनी को टालना किसी के वश में नहीं है, इसलिए अब वो भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि उनकी पवित्र आत्मा को भगवान अपने श्री चरणों में जगह प्रदान करें.



जनता दल से लड़ा था पहला चुनाव

काबिलेगौर है कि सुजान सिंह पठानिया भले ही कांग्रेस के सिपाही थे. बावजूद इसके उनका विपक्षी दल भाजपा में भी उतना ही मान सम्मान था. साल 1977 में सुजान सिंह पठानिया ने पहला चुनाव जनता दल से ही लड़ा था. उन्होंने अपने जीवन में 11 बार चुनाव लड़ा, जिसमें से 7 में जीत हासिल की जबकि 4 चुनाव हारें. पठानिया हिमचल प्रदेश की 13वीं विधानसभा में भी सदस्य के तौर पर चुने गये थे. हाल ही में 12 फरवरी को उनका निधन हो गया था. वह लंबे समय से बीमार थे.
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