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यूरोपियन स्पेस एजेंसी के लिए चुना गया हिमाचल का अनुज चौधरी, बचपन का सपना हुआ पूरा

25 साल के अनुज चौधरी ने दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अंतरिक्ष अन्वेषण संस्था यूरोपियन स्पेस एजेंसी में दुनियाभर में 12वां हासिल कर अपनी जगह बनाई है.

25 साल के अनुज चौधरी ने दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अंतरिक्ष अन्वेषण संस्था यूरोपियन स्पेस एजेंसी में दुनियाभर में 12वां हासिल कर अपनी जगह बनाई है.

Himachal News: अनुज की इस उपलब्धि पर मां सरिता कुमारी व पिता अमर सिंह, बड़े भाई निकेतन व भाभी रजनी को फक्र है. सरिता कुमारी ने बताया कि माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद से वो कामयाबी के हर पायदान को सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ रहा है.

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कांगड़ा. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के अनुज चौधरी ने यूरोपियन स्पेस एजेंसी में अपना स्थान पक्का कर प्रदेश का नाम दुनिया भर में रोशन किया है. कांगड़ा के नगरोटा बगवां के जंदराह गांव के 25 साल के अनुज चौधरी ने दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अंतरिक्ष अन्वेषण संस्था यूरोपियन स्पेस एजेंसी में दुनियाभर में 12वां हासिल कर अपनी जगह बनाई है.

एक छोटे से गांव की मिडल क्लास फैमिली के नाते रिश्तेदार अनुज की इस उपलब्धि से बेहद ख़ुश हैं और इन दिनों कुनबे में बस अनुज के ही चर्चे हैं. घर गांव बस्ती और शहर यहां तक कि जो इस विषय से सम्बन्ध रखते हैं या इस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उनमें भी बस अनुज ही अनुज के चर्चे हैं. इस संस्‍था का मुख्य मकसद चंद्रमा और दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावना तलाशना है.

सरकारी स्कूल में की पढ़ाई

शुरू से ही सरकारी स्कूल में पढ़े अनुज ने आज अपने स्कूलों का भी नाम रोशन किया है. आठवीं तक अनुज गांव के ही मिडिल स्कूल जंदराह में पढ़े हैं, जबकि 9वीं और 10th बाबा बड़ोह में करने के बाद 12वीं की परीक्षा ग्रीन फील्ड स्कूल नगरोटा बगवां से पास की थी. अनुज का सपना बचपन से ही अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने का था. यही वजह है कि अनुज ने मास्टर आफ साइंस की डिग्री स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी से की, जबकि पेनसिलवेनिया विश्वविद्यालय से एमबीए किया. अनुज अपनी लगन और मेहनत के बलबूते इस समय अमेरिका में एमआईटी से पीएचडी भी कर रहे हैं, जहां से अंतरिक्ष शोध की भूख के चलते उन्होंने यूरोपियन स्पेस एजेंसी में सिलेक्शन के लिए एग्जाम दिया था. अनुज ने इस एजेंसी में 12वें रैंक के साथ अपनी जगह पक्की की है.

क्या है यूरोपियन स्पेस एजेंसी

ईएसए विश्व के 22 सदस्य देशों की गैर सरकारी संस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमा तथा अन्य ग्रहों पर जीवन ढूंढना है. इन 22 सदस्यीय देशों में आस्ट्रिया, बेल्जियम, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, यूनान, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंगडम भी शामिल हैं. ईएसए मौजूदा समय में विश्व की पांच सबसे बड़ी अंतरिक्ष अन्वेषण संस्थाओं में गिनी जाती है.

मां-पिता व भाई को फक्र

अनुज की इस बड़ी उपलब्धि पर माता सरिता कुमारी व पिता अमर सिंह समेत बड़े भाई निकेतन व भाभी रजनी को फक्र है. सरिता कुमारी ने बताया कि माता-पिता तथा गुरुजनों के आशीर्वाद से वो कामयाबी के हर पायदान को सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ रहा है. उसे बहुत खुशी है कि ईएसए में उसका सिलेक्शन हुआ है. यूरोप में शोध कार्य पूरा होने के बाद वह भारत में ही काम करेगा . अनुज ने बताया कि वह युवाओं को प्रेरित करेगा जिससे सभी देश के लिए कुछ कर गुजरें. उन्होंने कहा ग्रीन फील्ड स्कूल के प्रधानाचार्य सुधांशु शर्मा ने उन्‍हें बहुत प्रेरित किया.

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