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Cloud Burst: कांगड़ा में बारिश के बाद की तबाही, अब तक 4 शव निकाले गए, पूरे इलाके में मातम

वोह में एनडीआरएफ की टीम के साथ ही स्‍थानीय लोग भी राहत और बचाव के कार्य में जुटे हैं.

वोह में एनडीआरएफ की टीम के साथ ही स्‍थानीय लोग भी राहत और बचाव के कार्य में जुटे हैं.

धर्मशाला जिले में स्थित वोह गांव में आए जलजले के बाद अब हर तरफ बस मलबे के ढेर दिखाई दे रहे हैं, NDRF की टीमें लगातार लोगों को तलाशन का काम कर रही हैं. मंगलवार को चार शवों को मलबे से बाहर निकाला गया.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश में बिगड़ता मौसम अब आफत बन गया है. शाहपुरा के वोह गांव में सोमवार को बादल फटने से ऐसी भयानक तबाही मची कि मंगलवार को जिसने भी सुबह मंजर देखा उसकी रूह कांप गई. हादसे के दूसरे दिन मंगलवार को सुबह से देर रात तक लगातार रेस्‍क्यू ऑपरेशन चलता रहा. एनडीआरएफ की तीन टीमें लगार मलबा हटा कर फंसे हुए लोगों को तलाशती रहीं. इस दौरान 4 शवों को जरूर मलबे से बाहर निकाला गया. अब बताया जा रहा है कि पांच लोग मलबे में ही फंसे हुए हैं. जिन्हे निकालने की कोशिश लगातार चल रही है. घटनास्‍थल पर सैकड़ाें लोगों की भीड़ लगी है जो मलबे से अपने लोगों के निकलने का इंतजार कर रहे हैं. जब भी मलबे से कोई शव बाहर निकला पूरे इलाके में मातम पसर गया. ‌इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों की आंखें एक टक मलबे में अपना को तलाशने के लिए टिकीं थीं.

जवानों के लिए स्‍थानीय लोगों ने की व्यवस्‍था
इस दौरान प्रभावितों की मदद में लगे एनडीआरएफ के जवानों के रहने खाने-पीने की सभी व्यवस्‍थाओं को पूरी तरह से वोह गांव के लोगों ने संभाला. शाहपुरा से करीब 20 किमी. दर स्थित इस पहाड़ी क्षेत्र की सड़कों पर भी दर्जनों जगह पर मलबा गिरने से सड़क मार्ग प्रभावित हो गया. इन सड़क मार्गों को भी सुचारू करने के लिए प्रशासन 24 घंटे से लगा हुआ है.

चश्मदीदों ने बताया भयावह था मंजर
वोह वैली की रुलेहड़ गांव में आये जलजले ने सबको हिला कर रख दिया. हादसे के बाद बचे कुछ लोगों ने बताया कि उस दौरान जो मंजर था उसे बयान नहीं किया जा सकता है. जब ये आपदा लोगों को लील रही थी तभी एक छोटी सी बच्ची ने अपने स्कूल के अध्यापक को फोन कर मलबे से बाहर निकालने के लिए मदद मांगी. इस फोन ने मानों अध्यापक सुरिंदर में जान फूंक दी. सुरिंदर तुरंत मौके पर पहुंचा और उस बच्ची के साथ ही चार अन्य लोगों को स्‍थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला.

वहीं इस दौरान इस जलजले की चपेट में आकर सुरक्षित बाहर निकल चुके राकेश कुमार ने बताया कि ये उनका भाग्य ही है कि वो आज जिंदा हैं.वे अपने एक मित्र के कहने पर उनके घर गए थे जिन्हें पंचायत द्वारा करवाये जा रहे ड्रेनेज के कार्य संबंधी शिकायत थी जिसकी वजह से उनके मित्र के घर में पानी घुस रहा था, जब उन्होंने उपप्रधान पप्पू राम को लेकर मौके का मुआयना कर रहे थे तभी लोगों की चींख पुकार की आवाजें आईं. वे सबकुछ छोड़छाड़ कर भागे और किसी तरह से बच निकले लेकिन जिस मित्र ने उन्हें बुलाया था वो इस जलजले की चपेट में आ गया.

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