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हिमाचल: एंट्रेस एग्जाम में माइनस 5 अंक, फिर भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में मिला दाखिला

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सेंट्रल यूनविर्सटी.

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सेंट्रल यूनविर्सटी.

CU Kangra Admission: प्रो. प्रदीप नायर, विभागाध्यक्ष, न्यू मीडिया का कहना है कि आरक्षित वर्ग से संबंधित सीट को खाली नहीं रखा जा सकता है. इस वर्ग में सबसे अधिक अंक माइनस पांच थे और इसलिए निगेटिव अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी को भी आरक्षित वर्ग से शार्टलिस्ट किया गया है.

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धर्मशाला. रिजर्व सीटें खाली रहने की वजह से सेंट्रल यूनिवर्सिटी के न्यू मीडिया डिपार्टमेंट में एंट्रेस एग्जाम में माइनस में अंक हासिल करने वाले उम्मीदवार को भी दाखिला मिला है. ऐसे में पूरी प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में हैं. मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की सेंट्रल यूनिवर्सिटी का है.

जानकारी के अनुसार, सीयू में एमए के न्यू मीडिया विभाग में एससी वर्ग की सीटें खाली रह गई. मजबूरी में प्रबंधन को माइनस 5 अंक हासिल करने वाले छात्र को दाखिला देना पड़ा. प्रवेश परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होती है. ऐसे में अभ्यर्थी को परीक्षा में माइनस पांच अंक आए. एससी वर्ग की चार सीटें खाली गईं थी और  इस प यूनिवर्सिटी ने इस अभ्यर्थी को प्रवेश दे दिया. प्रबंधन का कहना है कि सीटें खाली न रहें, इसलिए अभ्यर्थी को प्रवेश दिया है. इस वर्ग में सबसे ज्यादा अंक माइनस पांच थे.

मेरिट लिस्ट में कौन आगे

डिपार्टमेंट ऑफ न्यू मीडिया में एडमिशन के लिए जारी की गई सूची में सामान्य वर्ग से सबसे अधिक 21.5 अंक लेने वाले कृतीर्थ को पहला स्थान मिला है. वहीं, शिवांगी को दूसरा और आयुष तीसरे स्थान पर रहे हैं. प्रवेश सूची में सामान्य वर्ग से 20 अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट में स्थान दिया गया है. इसमें 6.75 अंक लेने वाला अभ्यर्थी जहां वेटिंग लिस्ट में शीर्ष पर है, लेकिन विडंबना यह है कि माइनस एक अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी को भी सामान्य वर्ग की वेटिंग लिस्ट में अंतिम 20 में स्थान दिया गया है.

सीयू में एमए के न्यू मीडिया विभाग में एससी वर्ग की सीटें खाली रह गई. मजबूरी में प्रबंधन को माइनस 5 अंक हासिल करने वाले छात्र को दाखिला देना पड़ा.

क्या कहते हैं अधिकारी

न्यूज18 से बातचीत में डॉ. सुमन शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, सीयू ने कहा कि सीओई का काम प्रवेश परीक्षा को करवाना और अभ्यर्थी की ओर से प्राप्त अंकों को संबंधित डिपार्टमेंट को भेजना होता है. इससे आगे की प्रक्रिया संबंधित विभाग की ओर से अमल में लाई जाती है. उन्होंने कहा कि क्योंकि सीटों को खाली नहीं रखा जा सकता है. उनका कहना है कि उनकी तरफ से तय नियमों के अनुसार ही भर्ती की गई है. किसी भी तरह से नियमों के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है.

वहीं, प्रो. प्रदीप नायर, विभागाध्यक्ष, न्यू मीडिया का कहना है कि आरक्षित वर्ग से संबंधित सीट को खाली नहीं रखा जा सकता है. इस वर्ग में सबसे अधिक अंक माइनस पांच थे और इसलिए निगेटिव अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी को भी आरक्षित वर्ग से शार्टलिस्ट किया गया है. बिंडबना यह है कि 6.75 अंक अर्जित करने वाला अभ्यर्थी वेटिंग लिस्ट में हैं. वहीं दूसरी ओर, एससी वर्ग के लिए आरक्षित की गई सीटों में एक सीट के लिए ऐसे अभ्यर्थी को शार्टलिस्ट किया गया है, जिससे एंट्रेंस में माइनस में अँक हैं.

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