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हिमाचल शीतकालीन सत्र: विधायकों को झंडी देने का मुद्दा फिर गूंजा, कांग्रेस MLA नेगी बोले-CS, और कुलपतियों को झंडी तो हमें को क्यों नहीं?

हिमाचल शीतकालीन सत्र: विधायकों को झंडी देने का मुद्दा फिर गूंजा, कांग्रेस MLA नेगी बोले-CS, और कुलपतियों को झंडी तो हमें को क्यों नहीं?

हिमाचल विधानसभा में शीतकालीन सत्र.

हिमाचल विधानसभा में शीतकालीन सत्र.

HP Assembly Session: शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज और जगत नेगी के बीच हलकी नोक-झोंक भी हुई. नेगी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अब तो सत्तारूढ़ दल के खिलाफ बोलने पर देशद्रोह के मामले बनते हैं. नेगी ने विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार से विधायकों को झंडी देने के मामले में जल्द फैसला लेने की बात कही.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश में विधायकों को झंडी देने का मुद्दा फिर से विधानसभा में गूंजा है. धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा में किन्नौर से कांग्रेस विधायक जगत सिंह ने ये मुद्दा उठाया. विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान नेगी ने सदन में कहा कि प्रदेश में मुख्य सचिव, जिला परिषद, सचिवों, कुलपतियों को वाहनों में झंडी लगाने की अनुमति है लेकिन विधायकों को नहीं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में विधायक संस्था लगातार कमजोर हो रही है, विधायकों की संस्था को बचाने के लिए सदन में पक्ष और विपक्ष दोनों को मिल बैठकर सोचना होगा. इसको लेकर नेगी ने सदन में एक निजी संकल्प प्रस्तुत किया.

कांग्रेस विधायक ने प्रदेश के विधायकों को सरकारी विश्राम गृहों में कार्यालय मुहैया करवाने की पैरवी भी की. उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा है, विधायक अपने-अपने क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि लोकतंत्र में विधायक की संस्था कमजोर हो रही है. इन्हें डीसी और मंत्रियों के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं. विधायक की भूमिका क्या हो, इस पर चिंतन की आवश्यकता है. नेगी ने कहा कि वार्ड का चुनाव तक न जीत पाने वाले नेता अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तक बनाए जाते हैं, इनके नाम शिलान्यास व उद्घाटन की पट्टिकाओं पर लगते हैं, लेकिन विधायकों के नहीं. उन्होंने घाटे वाले बोर्डों व निगमों को बंद करने की बात भी कही. साथ ही कहा कि अगर किसी बोर्ड या निगम का अध्यक्ष मंत्री है तो उपाध्यक्ष की आवश्यकता क्या है?
जगत सिंह नेगी ने कहा कि सूचना के अभाव में विधायकों को आरटीआई के तहत जानकारी लेनी पड़ती है. अगर शिलान्यासों पर विधायकों को नाम नहीं लगाए जा सकते तो इस प्रथा को बंद कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि विधानसभा में किसी भी कानून पर संशोधन लाने से पहले विधायकों की राय ली जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में विधायक क्षेत्र विकास परियोजना शुरू की जानी चाहिए और इसके बजट निर्धारण में विधायक की भूमिका सुनिश्चित की जानी चाहिए.

इस दौरान शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज और जगत नेगी के बीच हलकी नोक-झोंक भी हुई. नेगी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अब तो सत्तारूढ़ दल के खिलाफ बोलने पर देशद्रोह के मामले बनते हैं. नेगी ने विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार से विधायकों को झंडी देने के मामले में जल्द फैसला लेने की बात कही.

Tags: Himachal pradesh, Shimla News

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