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चीन के रवैये पर बिफरी तिब्‍बती सरकार, डिप्टी स्पीकर बोले- पड़ोसी देश को सबक सिखाना जरूरी

(कॉन्सेप्ट इमेज)
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Himachal Pradesh News: भारत-चीन (India-China) के बीच तनातनी के बीच निर्वासित तिब्बती सरकार के डिप्टी स्पीकर यशी फुंत्सोक (Yoshi Phuntsok) ने तीखी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है.

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धर्मशाला. भारत-चीन (India-China) के बीच तनातनी के माहौल पर निर्वासित तिब्बती सरकार के डिप्टी स्पीकर यशी फुंत्सोक (Yoshi Phuntsok) ने तीखी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है. फुंत्सोक ने कहा कि चीन भारत को तब तक परेशान करता रहेगा जब तक भारत तिब्बत की आज़ादी के लिये पूरी मुखरता के साथ आगे नहीं बढ़ेगा, क्योंकि तिब्बत हिमालय पर्वत का शीश है और बिना तिब्बत के चीन भारत में किसी भी तरह से घुसपैठ में कामयाब नहीं हो सकता. तिब्बत के लोग जब अपने मुलख को हासिल कर लेंगे तो वो वहां अपनी सीमाओं को अपने हिसाब से सुरक्षित करेंगे, जिसमें चीन का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा तो वो भारत में कहां से घुसपैठ कर पाएगा.

यशी फुंत्सोक ने कहा कि भारत के सेना को साल भर अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिये चीन बॉर्डर पर पहरा देना पड़ता है, जबकि चीन ऐसा नहीं करता. उसके यहां आबादी बहुत है और वो तीन-तीन महीने के बाद अपनी सीमाओं में बदलाव भी करता रहता है. जबकि भारत को ऐसी कई समस्याओं को देखना पड़ता है. उन्होंने कहा कि चीन को भारत में घुसपैठ करने की कोई ज़रूरत नहीं है. फिर भी वो अपनी विस्तारवादी नीतियों के चलते ऐसा करने पर आमादा है.

चीन को सबक सिखाना जरूरी
फुंत्सोक ने कहा कि चीन को सबक सिखाना बेहद जरूरी है. अन्यथा वो साल 1962 की तरह फिर भारत को नीचा दिखाने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा. वहीं उन्होंने कहा कि चीन जैसे अति महत्वकांक्षी देशों से कभी शांति की अपेक्षा नहीं की जा सकती जो कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को भी मौके की तरह देखते हुये उसका लाभ उठाने में लगा हुआ है. इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है.
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