अद्भुत है इस मंदिर का रहस्य, पाताल में धंस रहा है शिवलिंग

देहरा में बह रही व्यास नदी के तट पर स्थित कालीनाथ महाकालेश्वर महादेव का मंदिर धार्मिक आस्था का पवित्र तीर्थ स्थान है. इस मंदिर में वास्तु कला से निर्मित शंकर महादेव की पिंडी भू-गर्भ में स्थित है.

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 31, 2019, 2:20 PM IST
अद्भुत है इस मंदिर का रहस्य, पाताल में धंस रहा है शिवलिंग
देहरा में कालीनाथ कालेश्वर महादेव के रूप में विद्यमान हैं.
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Updated: July 31, 2019, 2:20 PM IST
देवभूमि हिमाचल में कांगड़ा के एक धार्मिक स्थल उपमंडल देहरा में कालीनाथ कालेश्वर महादेव के रूप में विद्यमान हैं. देहरा में बह रही व्यास नदी के तट पर स्थित कालीनाथ महाकालेश्वर महादेव का मंदिर धार्मिक आस्था का पवित्र तीर्थ स्थान है. इस मंदिर में वास्तु कला से निर्मित शंकर महादेव की पिंडी भू-गर्भ में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि मां काली ने शिव को पति रूप में पाने के लिए यहां आकर आखिरी तपस्या की थी. मां काली युद्ध के बाद शिव के मनुष्य रूपी शव को लेकर पूरी पृथ्वी में जगह जगह तपस्या करने लगी. शिव ने काली पर दया करके एक शर्त रखी-  इस भूमि में जहां राक्षसों का रक्त नहीं गिरा होगा, वहीं मैं आपको प्राप्त होउंगा.

तब कलियुग का अंत हो जाएगा

एक जनश्रुति के अनुसार भू-शिवलिंग प्रतिवर्ष एक जौ के दाने के बराबर पाताल में धंसता चला जा रहा है.


देहरा में कालीनाथ कालेश्वर महादेव वही स्थान है. यहीं मां काली को शिव प्राप्त हुए थे. भू-शिवलिंग के बारे में एक जनश्रुति के अनुसार यह शिवलिंग प्रतिवर्ष एक जौ के दाने के बराबर पाताल में धंसता चला जा रहा है. बताया जाता है कि जब यह शिवलिंग पूरी तरह से धरती में समा जाएगा तो कलियुग का अंत हो जाएगा.

इस कालीनाथ महाकालेश्वर पवित्र तीर्थ स्थल के दर्शनों के लिए बाहरी राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी से इस स्वयं भू-शिवलिंग के दर्शन करने आते हैं.

(ब्रजेश्वर साकी की रिपोर्ट)

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First published: July 31, 2019, 1:56 PM IST
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