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आस्था या कुछ और…! दावा-कांगड़ा की ब्रजेश्वरी धाम के माखन से ठीक हो गया कैंसर

Bichitar Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 27, 2020, 12:52 PM IST
आस्था या कुछ और…! दावा-कांगड़ा की ब्रजेश्वरी धाम के माखन से ठीक हो गया कैंसर
कांगड़ा में मां ब्रजेश्वरी देवी मंदिर में पिंडी पर लगाया गया माखन का लेप.

परिजनों ने कैंसर से पीड़ित बेटे सोहन सना को माखन बतौर औषधि दिया. सोहन कैंसर की चौथी स्टेज़ से गुजर रहा था और दिल्ली के नामी अस्पताल ने भी हाथ खड़े कर दिए थे.

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धर्मशाला. 21वीं सदी में चमत्कार (Miracle) को मानने वालों की संख्या काफी कम है. बावजूद, इसके आज भी कोई असाध्य काम महज़ आस्था के सहयोग से पूरे हो जाएं तो लोग इसे चमत्कार से कम नहीं मानते हैं. मामला हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के कांगड़ा (Kangra) जिले से जुड़ा है.

दरअसल, कांगड़ा के मशहूर मंदिर मां बज्रेश्वरी (Brajeshwari Temple) में आस्था रखने वाले हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (Gurugram) के एक परिवार ने दावा किया है कि मकर संक्राति को मां की पिंडी पर लगाए जाने वाले माखन के लेप से चौथी स्टेज का कैंसर ठीक हो गया.

माखन का लेप लगाया
परिजनों ने कैंसर से पीड़ित बेटे सोहन सना को माखन बतौर औषधि दिया. सोहन कैंसर की चौथी स्टेज़ से गुजर रहा था और दिल्ली के नामी अस्पताल ने भी हाथ खड़े कर दिये थे, लेकिन जब उन्हें मां बज्रेश्वरी की पिंडी पर चढ़ने वाले माखन और उसके गुणों के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने बीते साल माखन मांगा और इसका रेगुलर लेप लगाया. आज आलम ये है कि उनके बेटे सोहन सना पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं, उन्हें अब कोई कैंसर नहीं है

फिर पहुंचा मां के दरबार परिवार
मां के इस चमत्कार को जहां ये परिवार बार-बार नम्स्कार कर रहा है. वहीं मेडिकल साइंस भी इस चमत्कार के आगे नतमस्तक नज़र आ रही है. बेटे की बीमारी के खात्मे के बाद सोहन सना का परिवार अपने बेटे के साथ मां बज्रेश्वरी मंदिर में पहुंचा और मां के प्रति अपनी आस्था और विश्वसा का भरपूर गुणगान किया.

कांगड़ा का ब्रजेश्वरी देवी मंदिर.
कांगड़ा का ब्रजेश्वरी देवी मंदिर.
मां की पिंडी पर लगाया जाता है माखन का लेप
काबिलेगौर है कि शक्तिपीठ श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में सात दिवसीय घृत मंडल पर्व हर साल 14 जनवरी को मकर सक्रांति के शुभ अवसर पर शुरू होता है. ये प्रक्रिया पूरे सात दिन चलती है. सात दिवसीय घृत मंडल पर्व में करीब 2 क्विंटल मक्खन से मां की पिंडी का श्रृंगार किया जाता है. इस धार्मिक आयोजन को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु कांगड़ा पहुंचते हैं..

यह मान्यता
मान्यता और दावा है कि इस मक्खन रूपी प्रसाद से चर्म रोगों और कैंसर जैसी बीमारी से निदान मिलता है. घृत मंडल पर्व के संबंध में कहा जाता है कि जालंधर दैत्य को मारते समय मां बज्रेश्वरी देवी के शरीर पर कई चोटें आई थीं और देवताओं ने माता के शरीर पर माखन का लेप किया था. इसी परंपरा के अनुसार देसी घी को एक सौ एक बार शीतल जल से धोकर उसका मक्खन बनाकर मां की ¨पिंडी पर चढ़ाया जाता है. साथ ही मेवों और फलों की मालाएं भी चढ़ाई जाती हैं. बाद में ये मक्खन जरूरतमंदों समेत भक्तों में भी बांटा जाता है.

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First published: January 27, 2020, 12:50 PM IST
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