शर्मनाक: हिमाचल में कोरोना संक्रमित महिला को किसी ने नहीं दिया कंधा, बेटे ने शव को अकेले पहुंचाया श्मशान

कांगड़ा में कोरोना पॉजिटिव महिला की मौत के बाद कोई नहीं पहुंचो तो अकेला बेटा शव लेकर पहुंचा श्मशान. (सांकेतिक तस्वीर)

Kangra Viral Photos: कांगड़ा जिले के डीसी राकेश प्रजापति ने इस बारे में बताया है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है. वह मामले के बारे मे पता कर रहे हैं. वहीं, पूरा मामला और फोटो सामने आने के बाद अब प्रदेशभर में चर्चा हो रही है कि लोग संकट के समय में इस तरह से मुख मोड़ रहे हैं.

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    ब्रजेश्वर साकी

    देहरा(कांगड़ा). हिमाचल प्रदेश को शर्मसार करने वाली खबर है. घटना का फोटो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुआ है. मां की अर्थी के लिए चार लोग नहीं मिले तो बेटे ने खुद लाश को उठाया और श्मशान पहुंचाया. मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (Kangra) जिले के रानीताल का है. दरअसल, कोरोना के खौफ के चलते लोगों ने महिला की अर्थी को कंधा देने से इंकार कर दिया. मजबूरी में बेटे ने मां के शव को कंधे पर उठाकर श्मशानघाट पहुंच और अंतिम संस्कार किया गया.

    जानकारी के अनुसार, कांगडा के रानीताल के समीपवर्ती गांव भंगवार में गुरुवार सुबह एक कोरोना संक्रमित महिला की मौत हो गई है. महिला भंगवार पंचायत की पूर्व उपप्रधान भी रह चुकी है. महिला को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए कोई भी शख्स आगे नहीं आया. बताया जा रहा है कि आगे-आगे पुत्र मां के शव को कंधे पर उठाकर ले जा रहा था तो उसके पीछे डेढ़ वर्ष के बच्चे को कंधे से लगाए और दूसरे हाथ में अपनी सास के अंतिम संस्कार में उपयोग होने वाली सामग्री को लेकर उसकी पत्नी चली हुई थी.

    मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (Kangra) जिले के रानीताल का है. दरअसल, कोरोना के खौफ के चलते लोगों ने महिला की अर्थी को कंधा देने से इंकार कर दिया.


    मैं खुद बीमार हूं: भंगवार पंचायत प्रधान 

    भंगवार पंचायत के प्रधान सूरम सिंह ने बताया कि वह बुखार ग्रसित थे और इसलिए पीड़ित परिवार के घर नहीं जा सके. फिर भी मैंने प्रशासन से पीपीई किट और हर संभव सहायता के बारे में बात की थी, लेकिन पीड़ित वीर सिंह ने पीपीई किटों के लिए मना कर दिया और कहा कि मेरे रिश्तेदार किट लेकर आ रहे हैं. मैंने 2 ट्रैक्टर चालकों से भी शव को लेकर जाने की बात की, लेकिन दोनों ट्रैक्टर चालकों ने इंकार कर दिया. पीड़ित परिवार की गांव के कुछ लोगों ने मदद की है और वो लड़कियां काटने के लिए पहले ही जंगल में चले गए थे.

    क्या कहते हैं डीसी कांगड़ा

    वहीं, कांगड़ा जिले के डीसी राकेश प्रजापति ने इस बारे में बताया है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है. वह मामले के बारे मे पता कर रहे हैं. देहरा के निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है. होशियार सिंह ने एलान किया है कि अब कहीं भी कोरोना संक्रमित की मौत पर वो और उनके वोलेंटियर्स शव को कंधा देंगे. वहीं, पूरा मामला और फोटो सामने आने के बाद अब प्रदेशभर में चर्चा हो रही है कि लोग संकट के समय में इस तरह से मुख मोड़ रहे हैं.