कांगड़ा का 'खैर' हिमाचल प्रदेश को कर्ज़ से दिला सकता है मुक्ति: धवाला

राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज़ है जो कि अकेले कांगड़ा का खैर चुका सकता है.

News18 Himachal Pradesh
Updated: June 17, 2019, 3:40 PM IST
कांगड़ा का 'खैर' हिमाचल प्रदेश को कर्ज़ से दिला सकता है मुक्ति: धवाला
रमेश धवाला, राज्य योजना बोर्ड, उपाध्यक्ष, हिमाचल
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Updated: June 17, 2019, 3:40 PM IST
राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने देहरा के आईपीएच विश्राम गृह में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज़ है जो कि अकेले कांगड़ा का खैर चुका सकता है. धवाला ने कहा कि इस समूचे क्षेत्र में आवारा पशुओं को आश्रय देने के लिए प्रदेश सरकार ने ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के सुधंगल में 600 कनाल जमीन का प्रावधान कर 3 करोड रुपये बजट का भी प्रावधान कर दिया है और इस कार्य को दो माह के भीतर शुरु करने की योजना बनाई गई है. इस गौशाला में लगभग 2500 गौवंश रखा जा सकेगा. वहीं पशुओं की देखभाल के लिए हर जरूरत पूरा करने के लिए डॉक्टर व अन्य स्टाफ नियुक्त किया जाएगा. वहीं सरकार द्वारा पोषित अन्य स्कीमों जिनमें सौर ऊर्जा, किसानों के खेतों की सिंचाई हो सके इसके लिए चेक डैम बनाए जाएंगे. धवाला ने आगे कहा कि किसानों के जीवन मे खुशहाली के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार मिलकर काम करेंगी. अगले माह रमेश धवाला पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर चल रही विकासात्मक गतिविधियों का औचक निरीक्षण करेंगे और वहां कहीं भी कोई भी भ्रष्टाचार करता हुआ नजर आया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.

जर्मनी से नई तकनीक लेकर आएंगे सीएम जयराम ठाकुर उससे होगा विकसित

धवाला ने कहा प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर और उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर जर्मनी से नई टेक्नोलॉजी लेकर आएंगे. उन तकनीकों का उपयोग करके प्रदेश में रोजगार के नए संसाधन विकसित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की वजह से जो बिजली के प्रोजेक्ट राज्य में बने उनसे राज्य को 2800 करोड़ रुपये रॉयल्टी की आमदनी हो रही है.

ऐसे उतर सकता है राज्य का कर्जा

राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज़ है जो कि अकेले कांगड़ा का खैर चुका सकता है. उन्होंने कहा कि खैर का खजाना बर्बाद हो रहा है. इसे वन काटू लूट रहे हैं. कई ठेकेदारों की चांदी हो रही है. रमेश धवाला ने खैर से पाबंदी हटाने व सूखे पेड़ों को काटने की पैरवी करते हुए कहा कि करोडों रुपये की वन संपदा बर्बाद हो रही है. धवाला ने कहा कि वह विधानसभा में भी खैर के मामले को लेकर आवाज़ उठा चुके हैं.

सरकारी भूमि में भी खैर काटने की परमिशन मिलनी चाहिए

धवाला ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद करते हुए कहा कि खैर मामले पर ट्रायल तौर पर नूरपुर सव डिवीजन को लिया गया है. धवाला ने कहा कि निजी भूमि में भी खैर काटने की परमिशन मिलती है तो सरकारी भूमि में भी खैर काटने की परमिशन दी जानी चाहिए. धवाला ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ध्यान में यह मामला लेकर आया हूं. धवाला ने कहा कि नूरपुर में अच्छी खासी आमदनी सरकार को होने वाली है.
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(देहरा से ब्रजेश्वर साकी की रिपोर्ट)

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First published: June 17, 2019, 3:04 PM IST
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