‘लेटर बम’ की वजह से हिमाचल भाजपा में मचा सियासी घमासान

कांग्रेस (Congress) के सीनियर नेता और विधायक रामलाल ठाकुर (MLA Congress) ने इस मसले पर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार केवल सोशल मैसेज (Social Message) वायरल करने वालों की जांच कर रही है, जबकि मैसेज में लगाए गए आरोपों की भी सरकार को जांच करनी चाहिए.

News18 Himachal Pradesh
Updated: September 13, 2019, 12:44 PM IST
‘लेटर बम’ की वजह से हिमाचल भाजपा में मचा सियासी घमासान
हिमाचल प्रदेश भाजपा. (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: September 13, 2019, 12:44 PM IST
धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ‘लेटर बम’ की वजह से भाजपा में घमासान मचा हुआ है. इस वजह से भाजपा (BJP) में धड़ेबाजी भी सामने आ रही है, क्योंकि इस सोशल मेसेज में शामिल कथित किरदार अपने अपने धड़े के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और रणनीति बना रहे हैं. वहीं, सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने इस मामले में चुप्पी साधी हुई है.

शांता समर्थकों में असंतोष
दरअसल, कांगड़ा में भाजपा के सीनियर नेता वरिष्ठ नेता शांता कुमार (Shanata Kumar) का मैसेज में जिक्र है. वायरल मैसेज़ में शांता कुमार को संबोधित करते हुए लिखा गया है कि अमूमन भ्रष्टाचार और अन्याय के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करने वाले शांता कुमार हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालय में पनप रहे भ्रष्टाचार को देखकर चुपचाप क्यों बैठे हैं? क्या इसलिए कि ये मंत्रालय उनके शिष्य के पास है. इस तरह के वायरल हुए मैसेज़ पर शांता समर्थकों में बेहद असंतोष हैं और इनकी ओर से अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता मनोज मसंद के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवा दिया है.

पुलिस ने दर्ज किया है मामला

पुलिस ने धारा 505 यानी सार्वजनिक शांति में खलल डालना, किसी की मानहानी करना और 506 यानी जान से मारने की धमकी देना या किसी इज्जतदार शख्स की इज्जत निलाम करने के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने इस मामले में आरोपी मनोज मसंद को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई है जिसने भाजपा के एक पूर्व मंत्री (रविंद्र सिंह रवि) के नाम का खुलासा किया था.

पूर्व मंत्री का फ‌ोन जब्त
पुलिस ने पूर्व मंत्री को से पूछताछ करते हुए उनके मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है. फिलहाल मोबाइल को जब्त कर पुलिस ने रीजनल फॉरेंसिक लेब में जांच के लिए भेज दिया है, जिसमें ये जानने की कोशिश की जाएगी कि क्या वाकई ये मैसेज़ पूर्व मंत्री के मोबाइल फोन से वायरल हुआ है या उनकी छवि को धूमिल करने की साजिश रची जा रही है.
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यह बोले स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) विपिन सिंह परमार (Vipin Singh Parmar) ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कुछ भी कहने से इंकार किया, लेकिन कहा है कि इस मामले में पहले ही एफआईआर (FIR) दर्ज हो चुकी है. उन्होंने कहा कि हमारे ध्यान में जब यह मामला आया तो हमने एफआईआर दर्ज करवाई. पुलिस पुलिस अपने ढंग से काम कर रही है. इस पत्र का सच जल्द सामने आ जाएगा और लोगों को पता चल जाएगा, इसमें कौन लोग शामिल हैं.

यह बोली कांग्रेस
कांग्रेस के सीनियर नेता और विधायक रामलाल ठाकुर ने इस मसले पर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार केवल सोशल मैसेज वायरल करने वालों की जांच कर रही है, जबकि मैसेज में लगाए गए आरोपों की भी सरकार को जांच करनी चाहिए.

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First published: September 13, 2019, 12:36 PM IST
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