कोरोना से सबक: कांगड़ा में 4.26 लाख बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल

सांकेतिक तस्वीर.
सांकेतिक तस्वीर.

डीसी ने प्रारंभिक और उच्च शिक्षा उपनिदेशक को इस अभियान से संबंधित जागरूकता और जानकारी को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के लिए विभाग के सोशल मीडिया ग्रुप के जरिये जानकारी सांझा करने के भी निर्देश दिए हैं.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश में बच्चों को कई तरह की मौसमी बीमारियों (Sickness) से बचाव के लिए जिला प्रशासन भी अब सतर्क हो गया है. इसके लिए बाकायदा कांगड़ा (Kangra) के जिलाधीश राकेश प्रजापति की ओर से धर्मशाला में कई अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई है. बैठक में जिलाधीश राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगड़ा (Kangra) में 4 लाख 26 हजार 275 बच्चों और किशोरों को कृमि नाशक एल्बेंडाजोल और 93 हजार 408 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी, ताकि बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाया जा सके.

अभियान चलाएंगे:डीसी

राकेश प्रजापति ने कहा कि इसके लिए बाकायदा एक अभियान चलाया जायेगा जो कि 2 नवंबर से 10 नवंबर, 2020 तक चलेगा ताकि जिलाभर का कोई भी बच्चा इस खुराक से महरूम न रह जाये...।राकेश प्रजापति ने कहा कि उनका टारगेट है कि इस अभियान के तहत एक साल के बच्चे से लेकर 19 साल तक की आयु वर्ग के हर बच्चे को घर-द्वार जाकर कृमि नाशक दवाई एल्बेंडाजोल उपलब्ध करवाई जाए... और इसके साथ ही एक साल से लेकर 5 साल  तक की आयु के सभी बच्चों को विटमिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी.




क्या बोले डीसी

डीसी राकेश प्रजापति ने कहा कि  बच्चों और किशोरों में कृमि संक्रमण के घातक दुष्परिणामों से शारीरिक और  बौद्धिक विकास की क्षमता प्रभावित होती है. उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तत्परता के साथ काम करने के भी दिशा-निर्देश जारी किये हैं.उन्होंने कहा कि कोविड-19 वायरस संक्रमण के इस दौर में आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. राकेश कुमार प्रजापति ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कोविड-19 से संभावित संक्रमण के मद्देजनर सभी दिशा-निर्देशों के पालन, मास्क का प्रयोग और व्यक्तिगत स्वच्छता को सुनिश्चित करने के भी आदेश दिये हैं.

सोशल मीडिया से जागरूकता

डीसी ने प्रारंभिक और उच्च शिक्षा उपनिदेशक को इस अभियान से संबंधित जागरूकता और जानकारी को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के लिए विभाग के सोशल मीडिया ग्रुप के जरिये जानकारी सांझा करने के भी निर्देश दिए हैं.
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