हिमाचल प्रदेश में गोमूत्र से बनेंगे शैंपू, साबुन, फेसपैक और गोबर से अगरबत्ती

हिमाचल प्रदेश में बनी गौशालाओं को अब गौ विज्ञान केन्द्र के नाम से जाना जाएगा. यहां गोमूत्र और गोबर से कई प्रोडक्ट तैयार किए जाएंगे.

News18 Himachal Pradesh
Updated: August 1, 2019, 3:20 PM IST
हिमाचल प्रदेश में गोमूत्र से बनेंगे शैंपू, साबुन, फेसपैक और गोबर से अगरबत्ती
हिमाचल में सात काऊ सेंक्चुरीज भी बनाई जा रही हैं.
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Updated: August 1, 2019, 3:20 PM IST
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा गठित गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश के दौरे पर निकले हैं. उन्होंने ज्वालामुखी पंहुचने पर कई खुलासे किए. उन्‍होंने गौवंश संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी.

बनेंगे सात गौ अभयारण्य
गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि आयोग प्रदेश में प्रथम चरण में सात गौ अभयारण्य बनाएगा. इनमें से सिरमौर में कोटला में गौ अभयारण्य तैयार हो चुका है, जबकि सोलन के नालागढ में हांड़ा कुड़ीं में निर्माण कार्य शुरू हो गया है. हमीरपुर के खैरी, डमटाल, ज्वालामुखी के लुथान, पालमपुर बडसर कुडन, ज्वाली के गांव खबल में जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही गौ अभ्यारण्य का कार्य प्रदेश में युद्ध स्तर पर शुरू होगा.

गोमूत्र और गोबर से बनेंगे उत्पाद

हिमाचल प्रदेश सरकार की योजना के मुताबिक, गोवंश के संरक्षण के साथ गौमूत्र और गोबर से कई प्रकार के प्रोडक्ट भी तैयार किए जाएंगे. अशोक शर्मा ने कहा कि गोमूत्र से 40 प्रकार के उत्पाद बनेंगे. इसमें शैंपू और गोबर से खाद-जीवामृत, धूप, साबुन, फेस पैक इत्यादि बनाए जाएंगे. गाय के गोबर से धूप और अगरबत्तियां भी बनेंगी.

अधिकारी को फटकार
इसके अलावा गोशालाओं के लिए भी स्थानीय स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी, जिसका अध्‍यक्ष एसडीएम को बनाया जाएगा. इसके अलावा, ज्वालामुखी के लुथान में गौ अभयारण्य साइट का मुआयना किया गया है और अधवानी में बने गौ सदन के न चलने पर ज्वालामुखी नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी देशराज चौधरी को कड़ी फटकार भी लगाई.
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इसलिए लगी फटकार
उपाध्यक्ष ने ज्वालामुखी नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी देशराज चौधरी से पूछा कि गौशाला पर लाखों रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन अभी तक यह अमल में क्यों नहीं आया है? इस पर अधिकारी ने बताया कि 10 लाख का एस्टिमेट बनाकर जिलाधीश को भेजा है, स्वीकृति मिलने के दो महीने में काम शुरू हो जाएगा. आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि वह जिलाधीश कांगड़ा के साथ मसलों को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए कहेंगे.

गौशाला नहीं, अब गौ-विज्ञान केन्द्र
हिमाचल प्रदेश में बनी गौशालाओं को अब गौशाला के नाम से नहीं पुकारा जाएगा, बल्कि इसे गौ विज्ञान केन्द्र कहा जाएगा, क्योंकि गौसेवा आयोग इन केन्द्रों में गौवंश के गौमूत्र और गोबर से कई प्रोडक्ट तैयार करेगा. इससे पहले हिंदू हिमगिरी महासभा राज्याध्यक्ष संजय शर्मा, महासचिव किशन शर्मा, भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष अतुल चौधरी, डा. राजीव कूंडू व अन्य ने उनका स्वागत किया.

(देहरा से ब्रजेश्वर साकी की रिपोर्ट)

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First published: August 1, 2019, 2:45 PM IST
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