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ज्वालामुखी मंदिर में PWD ने लाखों रुपये की लागत से बनवाया रैंप, मंदिर ने किया रिजेक्ट

कांगड़ा: ज्वालादेवी मंदिर में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया गया लोहे का रैंप को मंदिर प्रशासन ने रिजेक्ट कर दिया है.

कांगड़ा: ज्वालादेवी मंदिर में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया गया लोहे का रैंप को मंदिर प्रशासन ने रिजेक्ट कर दिया है.

Jwaladevi Temple News: सहायक मंदिर आयुक्त धनवीर ठाकुर ने बताया कि डीसी कागंड़ा, एडीएम संयुक्त रुप से ज्वालामुखी मंदिर में रिव्यू के लिए पंहुचे थे. उन्होने लोहे के रैंप के प्रोजेक्ट पर असहमति जताई है, साथ ही जिलाधीश ने जांच के आदेश दिए हैं.

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    बरजेश्वर साकी,

    कांगड़ा. हिमाचल प्रदेश स्थित विश्वप्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी में मंदिर प्रशासन ने PWD द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से लोहे का भारी भरकम रैंप तैयार करवाया था, जिसे मंदिर प्रशासन ने रिजेक्ट कर दिया है. मंदिर प्रशासन ने कहा है कि ये रैंप श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक नहीं है और ज्यादा ऊंचाई होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए असुविधा का कारण बन सकता है. अब कांगड़ा जिलाधीश ने इस मामले में जांच के आदेश दिये हैं.

    जानकारी के मुताबिक, भाजपा जब से सत्ता में आई है, तबसे ज्वालामुखी मंदिर के एसडीओ, कनिष्ठ अभियंता से कोई भी टेक्निकल प्रोजेक्ट नहीं बनवाया जा रहा है. जबकि हर माह मंदिर प्रशासन हज़ारों रुपये का वेतन उन्हें दे रहा है. मंदिर के प्रपोजल को मंदिर आयुक्त से सीधे ही स्वीकृति PWD, जलशक्ति, विद्युत विभाग को दी जा रही है. मंदिर के करीब डेढ़ करोड़ रुपये इन विभागों के पास एडवांस जमा है, जिनका सालाना ब्याज भी नहीं मिलने से मंदिर के राजस्व में कमी हो रही है. जबकि अभी तक कोई भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ा है.

    लोक निर्माण विभाग द्वारा नवनिर्मित लोहे के रैंप के प्रोजेक्ट पर ही सवालिया निशान खड़े हो गए हैं. ऐसे में पूर्व में 2012 से 17 तक कांग्रेस के समय में 20 करोड़ से ज्यादा के कार्य मंदिर के इंजीनियरों ने ही किये हैं. जिनकी गुणवत्ता बेहतर और प्रोजेक्ट की लागत कम रही है. क्यों मंदिर के इंजीनियरों से पूर्व की तरह कार्य नहीं करवाया जा रहा है. वहीं जिलाधीश कांगड़ा ने PWD रैंप वाले प्रोजेक्ट की जांच के आदेश दे दिये हैं, जिससे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया है. पूर्व मंदिर ट्रस्ट प्रधान दिव्यांशु भूषण ने कहा कि इतना भारी भरकम रैंप जोकि लेंटर पर भार डाल दिया गया है. श्रद्धालुओं का वजन भी इस पर हो जाने से कभी भी अनहोनी हो सकती है. इसलिए कोई भी काम करने से पहले उसकी सुरक्षा जांचना जरूरी है.

    मंदिर के लोहे के रैंप प्रोजेक्ट की जांच के दिए जिलाधीश ने आदेश: SDM
    सहायक मंदिर आयुक्त धनवीर ठाकुर ने बताया कि जिला प्रशासन कि ओर से डीसी कागंड़ा, एडीएम संयुक्त रुप से ज्वालामुखी में विकास कार्यों के रिव्यू के लिए पंहुचे थे. उन्होने लोहे के रैंप के प्रौजेक्ट पर असहमति जताई है यह लोहे का रैंप ड्राइंग के अनुरुप पीडब्ल्यूडी ने नही बनाया है, जिस पर जिलाधीश ने जांच के आदेश दिए हैं. इस प्रोजेक्ट को कैसे दुरुस्त किया जाए इस बारे भी PWD के अधिकारियों को कहा गया है.

    नियमानुसार ही बनाया है मंदिर में लोहे के रैंप का प्रोजेक्ट: एक्सईएन 
    PWD के एक्सीईन दिनेश धीमान ने बताया कि नियमानुसार ही मंदिर मेें  लोहे के रैंप का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है. यदि कोई कमी रह गई है तो मंदिर प्रशासन से बैठक करके समाधान निकाला जाएगा. इस प्रोजेक्ट की पेमेंट हुई है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है.

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