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साई हॉस्टल धर्मशाला के खिलाड़ियों के लिए एंटी डोपिंग पर कार्यशाला का आयोजन

साई हॉस्टल धर्मशाला के खिलाड़ियों के लिए एंटी डोपिंग पर कार्यशाला का आयोजन

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी द्वारा साई हॉस्टल धर्मशाला के खिलाड़ियों के लिए एंटी डोपिंग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के विशेषज्ञ डॉ. पीरूमल ने खीलाड़ियों को डोपिंग के बारे में जानकारी दी। वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी द्वारा जनवरी 2015 में खिलाडियों के लिए नियमों के परिवर्तन किया है। जिसके तहत विश्व के 20 हजार खिलाड़ियों के डोपिंग टेस्ट लिए थे, जिसमें से 590 खिलाड़ियों की रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई है।

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी द्वारा साई हॉस्टल धर्मशाला के खिलाड़ियों के लिए एंटी डोपिंग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के विशेषज्ञ डॉ. पीरूमल ने खीलाड़ियों को डोपिंग के बारे में जानकारी दी। वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी द्वारा जनवरी 2015 में खिलाडियों के लिए नियमों के परिवर्तन किया है। जिसके तहत विश्व के 20 हजार खिलाड़ियों के डोपिंग टेस्ट लिए थे, जिसमें से 590 खिलाड़ियों की रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई है।

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी द्वारा साई हॉस्टल धर्मशाला के खिलाड़ियों के लिए एंटी डोपिंग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के विशेषज्ञ डॉ. पीरूमल ने खीलाड़ियों को डोपिंग के बारे में जानकारी दी। वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी द्वारा जनवरी 2015 में खिलाडियों के लिए नियमों के परिवर्तन किया है। जिसके तहत विश्व के 20 हजार खिलाड़ियों के डोपिंग टेस्ट लिए थे, जिसमें से 590 खिलाड़ियों की रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई है।

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राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी द्वारा साई हॉस्टल धर्मशाला के खिलाड़ियों के लिए एंटी डोपिंग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के विशेषज्ञ डॉ. पीरूमल ने खीलाड़ियों को डोपिंग के बारे में जानकारी दी। वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी द्वारा जनवरी 2015 में खिलाडियों के लिए नियमों के परिवर्तन किया है। जिसके तहत विश्व के 20 हजार खिलाड़ियों के डोपिंग टेस्ट लिए थे, जिसमें से 590 खिलाड़ियों की रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई है।

एजेंसी ने देश के खिलाड़ियों को नए नियमों के अवगत करवाने के लिए एंटी डोपिंग पर कार्यशाला आयोजित की गई इसलिए उन्होंने खिलाड़ियों को जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई खिलाड़ी बीमार भी होता है तो दवाई लेने से पहले यह पता लगा ले कि दवाई में डाले गए तत्व डोपिंग के तहत तो नहीं आते। इसलिए हमेशा डाॅक्टर से मिलने के बाद ही छोटी से छोटी बीमारी की दवाई लें।

इसके अलावा अपने खेलने की क्षमता व अपने शारीरिक विकास के लिए बाजारों में बिकने वाली दवाईयों का सेवन न करें। इस मौके पर युवा सेवाएं खेलकूद की संयुक्त निदेशक सुमन रावत मेहता, उप निदेशक साई चंडीगढ़ अजीत सिंह, जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी एमपी भराडिया, साई हॉस्टल प्रभारी महेंद्र सैनी सहित हॉस्टल की कोच भी उपस्थित रहे।

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