सावन : नाग देवता के जयघोष से गुंजायमान है देहरा का रानीताल

हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा जिला इन दिनों नाग देवता के जयघोष से गूंज रहा है. देहरा के रानीताल में दो महीने चलने वाले सावन माह मेले शुरू हो गए हैं. यहां प्रत्यक्ष रूप में भक्तों को नाग देवता दर्शन भी देते हैं.

News18 Himachal Pradesh
Updated: August 14, 2019, 7:50 PM IST
सावन : नाग देवता के जयघोष से गुंजायमान है देहरा का रानीताल
कांगड़ा - देहरा के रानीताल में दो महीने चलने वाले सावन माह मेले शुरू हो गए हैं.
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Updated: August 14, 2019, 7:50 PM IST
हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा जिला इन दिनों नाग देवता के जयघोष से गूंज रहा है. देहरा के रानीताल में दो महीने चलने वाले सावन माह मेले शुरू हो गए हैं. यहां प्रत्यक्ष रूप में भक्तों को नाग देवता दर्शन भी देते हैं. यहां की मान्यता है कि जिस किसी को भी सांप, बिच्छू काट ले तो मात्र तीन बार परिक्रमा कर काटे गए स्थान पर धागा बांधकर और यहां की चमत्कारी मिट्टी का लेप लगाने से व्यक्ति स्वस्थ हो जाता है. बताया जाता है कि रानीताल के चेलियां गावं में स्थित श्री नाग मंदिर में श्री नाग देवता भक्तों को दर्शन भी देते हैं. भक्त यहां की चमत्कारी मिट्टी अपने साथ अपने घर ले जाते हैं.

ऐसी मान्यता है कि चमत्कारी मिट्टी को अगर भक्त अपने घर के आस-पास पानी में घोल कर छिड़कें तो जहरीले सांप, बिच्छू घर में नहीं घुसते. साथ ही सांप-बिच्छू आदि के काटने का भय भी नहीं रहता. अगर किसी को काल सर्प योग हो तो वह यदि श्री शेष नाग देवता का दर्शन कर ले तो उसे इस योग से निजात मिल जाता है.

नाग देवता पूरी करते हैं मनोकामना

बताया जाता है कि श्रद्धालु श्री नाग देवता से जो भी मनोकामना करते हैं वो पूरी हो जाती है. भक्त यहां की चमत्कारी मिट्टी प्रसाद के रूप में ले जाते हैं. उन्हें सांप के काटने का भय नहीं रहता और सांप के काटे पर मिट्टी को लगाने और मिट्टी को खाने से जहरीले विष से निजात मिल जाती है. यहां मंदिर में श्री नाग देवता जी को नमक चढ़ाया जाता है, आटा चढ़ाया जाता है, जिससे रोट बनाया जाता है.

मान्यता है कि श्रद्धालु श्री नाग देवता से जो भी मनोकामना करते हैं वो पूरी हो जाती है.


यहां के पुजारी रविन्द्र जमुआल ने कहा कि श्री नाग देवता के चमत्कार से यहां सांप, बिच्छू के काटे का इलाज होता है. उन्होंने कहा कि श्री नाग देवता की पूजा के बाद दिए जाने वाले प्रसाद में चमत्कारी मिट्टी के लेप से और चमत्कारी धागा बांधने से जहरीले विष से निजात मिल जाती है. पुजारी ने बताया कि सावन का महीना शुरू होते ही यहां दो महीने मेले लगते हैं. श्रद्धालु श्री नाग देवता से मन्नत मांगते हैं. पुजारी नरिंदर जमुआल, पुजारी रविन्द्र जमुआल, राजेश्वर जमुआल, नीतिक जमुआल यहां के मुख्य पुजारी हैं.

(ब्रजेश्वर साकी की रिपोर्ट)
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First published: August 14, 2019, 7:50 PM IST
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