कोटखाई गैंगरेप और मर्डर: BJP नेता शांता कुमार ने CM जयराम को लिखा पत्र

हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार.
हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार.

Kotkhai Gangrape and Murder: हिमाचल प्रशासन के लिए यह बड़े गर्व की बात होगी कि जो सीबीआई नहीं कर सकी, वह प्रदेश सरकार ने कर दिखाया. उन्होंने गुडिया के पिता से पिछले दिनों दूरभाष पर बात की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 3:13 PM IST
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पालमपुर. यूपी के कथित हाथरस कांड (Hathras Case) के बाद देशभर में एक बार फिर से बेटियों की सुरक्षा के लिए आवाज उठनी शुरू हुई है. हाथरस की तरह हिमाचल के शिमला (Shimla) में हुए कोटखाई गैंगरेप मामले को लेकर अब हिमाचल के पूर्व सीएम और भाजपा नेता शांता कुमार (Shanta Kumar) ने सूबे के मुखिया को पत्र लिखा है.

क्या बोले शांता कुमार
भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र में लिखा है कि गुडिया केस के बाद आज भी दुखी परिवार न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट तक भटक रहा है. जिस परिवार की बेटी का बलात्कार और फिर उसकी हत्या कर दी गई और उनके अनुसार वे अपराधी आज भी उसी गांव में खुलेआम घूम रहे है, जरा सोचिए, उस परिवार के दिल पर पीड़ा का कितना बड़ा पहाड़ रोज टूटता होगा. कोई भी मनुष्य उस परिवार की प्रतिदिन की इस पीड़ा को अनुभव कर सकता है.

विशेष जांच समिति की मांग
शान्ता कुमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पत्र में विशेष आग्रह किया कि एक नई विषेश जांच समिति बनाई जाए. उसमें हिमाचल प्रदेश के तीन अवकाश प्राप्त और तीन वर्तमान प्रमुख पुलिस अधिकारियों को नियुक्त किया जाए. यदि उचित लगे तो कुछ आईएएस अधिकारी भी शामिल किए जाएं और उसमें विपक्ष को पूरी तरह विश्वास में लिया जाए. छह में से दो या तीन नियुक्तियां विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री के सुझाव पर की जाए. प्रदेश सरकार स्वयं हिमाचल उच्च न्यायालय को निवेदन करे कि इस विषेश जांच समिति की जांच की निगरानी उच्च न्यायालय करे.



सीबीआई खाली हाथ लौटी: शांता
उन्होंने कहा कि सीबीआई खाली हाथ लौटी है, उसका एक ही कारण था कि उस समय के कुछ पुलिस अधिकारियों ने किसी बड़े नेता के कहने पर सभी सबूतों को पूरे वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर दिया था, परन्तु कोई अपराध ऐसा नहीं होता जो अपने पीछे कोई ना कोई निशानी न छोड़े. तलाश करने वाले तलाश करते हैं.

अफसरशाही योग्यता कम नहीं: शांता
शान्ता कुमार ने अनुभव के आधार पर कहा है कि हिमाचल की सरकारी अफसरशाही भारत में योग्यता में किसी से कम नहीं है. उन्होंने विष्वास से कहा है कि इस जांच से अपराधी अवश्य पकड़े जाएंगे. हिमाचल प्रशासन के लिए यह बड़े गर्व की बात होगी कि जो सीबीआई नहीं कर सकी, वह प्रदेश सरकार ने कर दिखाया. उन्होंने गुडिया के पिता से पिछले दिनों दूरभाष पर बात की थी. उनका परिवार और मेरे जैसे लोग इस पीड़ा को तब तक अनुभव करते रहेंगे, जब तक मेरे इस सुझाव को सरकार स्वीकार न करे.

क्या है मामला

4 जुलाई 2017 का यह मामला है. शिमला के कोटखाई में दांदी जंगल में 16 साल की नाबालिग स्कूली छात्रा मृत मिली थी. हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए इसकी जांच सीबीआई को दी थी. मामले में लॉकअप में पूछताछ के दौरान एक नेपाली को मौत के घाट उतारा गया, जिसके आरोपी आईजी, एसपी समेत नौ पुलिसकर्मी बनाए गए. सीबीआई ने मामले में एक चिरानी नीलू को गिरफ्तार किया. उसे ही इस हत्या और दुराचार का आरोपी बनाकर मामले में कोर्ट में चालान पेश किया. अब कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है. वहीं, मामले के एक आरोपी सूरज कस्टोडियल डेथ केस में चंडीगढ़ में सुनवाई चल रही है.
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