Tibet Elections: पेंपा सेरिंग बने निर्वासित तिब्बत सरकार के नए प्रधानमंत्री, केलसंग दोरजे को हराया

निर्वासित तिब्बत सरकार में पेंपा सेरिंग को नया प्रधानमंत्री (Prime Minister) चुना गया है.

Tibet Elections: निर्वासित तिब्बती सरकार का प्रधानमंत्री चुनने के लिए 22 दिसंबर तक दुनियाभर में कुल 79,697 मतदाताओं ने चुनाव में मतदान करने के लिए पंजीकरण किया था. इसमें से 55,683 भारत में रहते हैं.

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धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला (Dharmashala) में निर्वासित तिब्बत सरकार में पेंपा सेरिंग को नया प्रधानमंत्री (Prime Minister) चुना गया है. पेंपा सेरिंग ने प्रतिद्वंद्वी केलसंग दोरजे को 5417 वोटों से हराकर ये जीत दर्ज की. पेंपा सेरिंग निर्वसित तिब्बत संसद से स्पीकर भी रह चुके हैं.

पेंपा सेरिंग निर्वासित तिब्बत संसद में दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं. वह अमेरिका में बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के प्रतिनिधि पद पर भी तैनात रह चुके हैं. उन्होंने पिछली बार भी प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ा था, जिसमें वह दूसरे नंबर पर रहे थे. इससे पहले, वह निर्वासित तिब्बत सरकार के स्पीकर भी रह चुके हैं. केलसंग दोरजे निर्वासित तिब्बत सरकार में बड़े अधिकारी रह चुके हैं. इन्हें प्रधानमंत्री लोबसंग सांग्ये का खास माना जाता रहा है.

इन देशों में हुआ था मतदान
आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, आस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, यूके, जापान, नेपाल, अमेरिका, रूस, ताइवान सहित भारत के कई हिस्सों में तिब्बती लोगों ने नए प्रधानमंत्री के लिए मतदान किया था.

दो चरणों में डाले गए थे वोट
3 जनवरी को तिब्बतियों ने निर्वासित तिब्बत सरकार के पीएम पद समेत 45 सदस्यीय निर्वासित संसद के उम्मीदवारों के लिए पहले चरण का मतदान किया था. दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग 11 अप्रैल 2021 को हुई थी. अब शुक्रवार को नतीजे घोषित किए गए हैं. 22 दिसंबर तक दुनिया भर में कुल 79,697 मतदाताओं ने चुनाव में मतदान करने के लिए पंजीकरण किया था. इसमें से 55,683 भारत में रहते हैं.