Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    धवाला V/S राणा: अपनों से तकरार के बीच सियासी गुरु शांता कुमार से मिले धवाला

    विधायक रमेश धवाला और संगठन मंत्री पवन राणा. (FILE PHOTO)
    विधायक रमेश धवाला और संगठन मंत्री पवन राणा. (FILE PHOTO)

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शनिवार सुबह दिल्ली रवाना हो गए हैं. सुबह नौ बजे करीब सीएम शिमला से हेलिकॉप्टर के जरिये दिल्ली रवाना हुए हैं. सीएम दिल्ली में वह केंद्रीय नेतृत्व से सरकार और संगठन की कार्यशैली पर बात करेंगे. ज्वालामुखी प्रकरण पर भी चर्चा होने की संभावना है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 7, 2020, 9:03 AM IST
    • Share this:
    धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में मौजूदा समय में सब कुछ ठीक नहीं है. अपनों से तकरार के बाद घिरे योजना बोर्ड के अध्यक्ष एवं ज्वालामुखी (Jawalamukhi) के विधायक रमेश धवाला (Ramesh Dhawala) अपने सियासी गुरु और हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार की शरण में पहुंचे. शुक्रवार को उन्होंने शांता कुमार (Shanta Kumar) से मुलाकात की और मौजूदा मुद्दों पर चर्चा की.

    क्यों शांता से मिलने पहुंचे धवाला
    दरअसल, हाईकमान ने हाल ही में ज्वालामुखी भाजपा मंडल कार्यकारिणी को भंग कर दिया था. धवाला समर्थकों पर गाज गिरी थी. इस कारण धवाला पहले सीएम जयराम ठाकुर और अब शांता कुमार से मिले हैं. दोनों लंबी बातचीत की है. हालांकि, दोनों में क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी नहीं लग पाई, लेकिन यह तय है कि धवाला अपनों से खफा हैं.

    कौन है धवाला
    धवाला कागंड़ा से ओबीसी नेता हैं. कांगड़ा जिले में ओबीसी वोटरों की बहुलता है और धवाला इस वर्ग में पकड़ रखते हैं. बीते काफी समय से ज्वालामुखी में विधायक रमेश धवाला की पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री और ज्वालामुखी विधानसभा से पवन राणा से तकरार चल रही है. पार्टी अध्यक्ष ने ज्वालामुखी की ज्वाला को शांत करने के बजाय मंडल कार्यकारिणी को भंग कर आग में घी डाल कर और भड़का दिया है.



    दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री
    वहीं, भाजपा हाईकमान के बुलावे पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शनिवार को दिल्ली रवाना हो गए हैं. सुबह नौ बजे करीब सीएम शिमला से हेलिकॉप्टर के जरिये दिल्ली रवाना हुए हैं. सीएम दिल्ली में वह केंद्रीय नेतृत्व से सरकार और संगठन की कार्यशैली पर बात करेंगे. चर्चा तो यहां तक है कि कुछ मंत्रियों की कुर्सी भी जा सकती है और कुछ के विभाग भी बदल सकते हैं. वहीं ज्वालामुखी प्रकरण पर भी चर्चा होने की संभावना है.
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज