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कांगड़ा चाय पर पड़ी मौसम और कोरोना की दोहरी मार, उत्पादन और उत्पादक दोनों हुए प्रभावित

कांगड़ा चाय पर पड़ी मौसम और कोरोना की दोहरी मार, उत्पादन और उत्पादक दोनों हुए प्रभावित

कांगड़ा के चाय के बागान

कांगड़ा के चाय के बागान

Kangra Tea: धर्मशाला स्थित चाय उद्योग की स्थिति का आकलन करें तो साल 2020 में 1 लाख 70 हजार किलोग्राम चाय उत्पादन किया गया था, जबकि इस साल 1 लाख 35 हजार किलोग्राम ही चाय का उत्पादन हो पाया है, जो कि पिछले साल की अपेक्षा 20 फीसदी कम है. कांगड़ा चाय से आर्थोडाक्स ब्लैक व आर्थोडॉक्स ग्रीन टी तैयार की जाती है. अब मशीनों का उपयोग चाय उत्पादन के लिए होने लगा है और इस कारण विदेशों में भी कांगड़ा चाय की काफी मांग है.

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धर्मशाला. देश और दुनिया में मशहूर कांगड़ा की चाय (Kangra Tea) पर इन दिनों संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं. दरअसल इस बार मौसम की बेरुखी ने धर्मशाला (Dharamshala) में चाय उत्पादन को बहुत हद तक नुकसान पहुंचाया है. धर्मशाला की ही बात करें तो उत्पादन में 20 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है. यही वजह है कि विदेश से भी आने वाली कांगड़ा चाय की डिमांड को धर्मशाला की फैक्ट्ररियां पूरी नहीं कर पा रहीं.

जानकारी के मुताबिक जनवरी-फरवरी और मार्च में अच्छी बारिश होने पर उत्पादन ठीक रहता है, लेकिन इस साल मार्च-अप्रैल में मौसम सूखा रहने के चलते उत्पादन प्रभावित हुआ है. मार्च-अप्रैल में जो उत्पादन होता है, उसकी विदेश में भारी डिमांड रहती है. बावजूद इसके इस मर्तबा यह संभव नहीं हो पाया है. काबिलेगौर है कि विदेश से चाय की डिमांड आने पर उत्पादकों को भी फायदा होता है. मौसम की मार से इस बार चाय उत्पादन और उत्पादक दोनों ही प्रभावित हुए हैं.

उत्पादकों की मानें तो मौसम और कोरोना की मार से उत्पादन 50 फीसदी तक घट चुका है. चाय उद्योग के प्रबंधक अमनपाल सिंह का कहना है कि धर्मशाला स्थित चाय उद्योग की स्थिति का आकलन करें तो साल 2020 में 1 लाख 70 हजार किलोग्राम चाय उत्पादन किया गया था, जबकि इस साल 1 लाख 35 हजार किलोग्राम ही चाय का उत्पादन हो पाया है, जो कि पिछले साल की अपेक्षा 20 फीसदी कम है. हालांकि चाय उद्योग की ओर से बेहतर क्वालिटी की चाय विदेशों में भेजी जाती है, मगर मौसम की मार से विदेश से भी डिमांड घटी है.

बता दें कि कांगड़ा चाय से आर्थोडाक्स ब्लैक व आर्थोडॉक्स ग्रीन टी तैयार की जाती है. अब मशीनों का उपयोग चाय उत्पादन के लिए होने लगा है और इस कारण विदेशों में भी कांगड़ा चाय की काफी मांग है. चाय कई प्रकार की विधियों से बनाई जाती है. अलग-अलग स्वाद और महक वाली चाय बनाने के लिए विशेष विधि का इस्तेमाल किया जाता है.

Tags: Himachal news, Tea

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