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'हिंदू' शब्द का प्रयोग पहली बार गुरुनानक ने किया, जानें धर्मशाला में क्या-क्या बोले मोहन भागवत

'हिंदू' शब्द का प्रयोग पहली बार गुरुनानक ने किया, जानें धर्मशाला में क्या-क्या बोले मोहन भागवत

धर्मशाला: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पूर्व सैनिकों को शाखा और स्वयंसेवक का मतलब भी समझाया और इससे जुड़कर अपने दिन का एक घंटा देश समाज को देने की बात कही.

धर्मशाला: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पूर्व सैनिकों को शाखा और स्वयंसेवक का मतलब भी समझाया और इससे जुड़कर अपने दिन का एक घंटा देश समाज को देने की बात कही.

RSS Chief Mohan Bhagwat in Dharmshala: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पूर्व सैनिकों को शाखा और स्वयंसेवक का मतलब भी समझाया और इससे जुड़कर अपने दिन का एक घंटा देश समाज को देने की बात कही. उन्होंने कहा कि हिंदू शब्द का प्रयोग सबसे पहले गुरुनानक देवजी ने किया था. उन्होंने कहा कि कि सैनिकों की गिनती हमेशा अव्वल दर्जे पर होती है. सैनिक जहां भी रहता है उसका सम्मान होता है. सैनिकों के सम्मान के लिये आरएसएस की एक अलग से परिषद है. जिसे पूर्व सैनिक सेवा परिषद के नाम से जाना जाता है.

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धर्मशाला. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि इंसान का इंसान के लिये इंसान जैसा व्यवहार हो वही हिंदुत्व है. उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ पर्याय ही हिंदुत्व है. हिंदुत्व मार्केटिंग करना नहीं सिखाता. पिछले 40 हजार साल पूर्व से हमारा एक ही DNA है. इस दौरान कई आततायी आये, अपनी संस्कृति, अपनी बोल वाणी हम पर थोपते रहे, लेकिन हमारे पास सालों से अपनी संस्कृति व संस्कार मौजूद हैं. उसी पर चलते हैं. शनिवार को धर्मशाला कालेज के सभागार में पूर्व सैनिक प्रबोधन कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने यह विचार रखे.

RSS प्रमुख पूर्व सैनिकों को शाखा और स्वयंसेवक का मतलब भी समझाया और इससे जुड़कर अपने दिन का एक घंटा देश समाज को देने की बात कही. उन्होंने कहा कि हिंदू शब्द का प्रयोग सबसे पहले गुरू नानक देव जी ने किया था. उन्होंने कहा कि कि सैनिकों की गिनती हमेशा अव्वल दर्जे पर होती है. सैनिक जहां भी रहता है उसका सम्मान होता है. सैनिकों के सम्मान के लिये आरएसएस की एक अलग से परिषद है. जिसे पूर्व सैनिक सेवा परिषद के नाम से जाना जाता है. उस परिषद के तहत सैकड़ों पूर्व सैनिक आज सेवा कर रहे हैं.

संघ हमेशा देश के वैभव को जिंदा करने की बात करता है: RSS चीफ

भागवत ने कहा कि यह जरूरी नहीं कि वह संघ के कार्यकर्ता हों, बावजूद इसके फिर भी वो परिषद से जुड़ते हैं. संघ का काम संघ के लिये नहीं बल्कि देश के लिये है. संघ हमेशा देश के वैभव को जिंदा रखने की बात करता है. उन्होंने कहा कि संघ का इतिहास भविष्य में यह लिखा जाये कि संघ ने देश निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की.

स्वयं अपनी चिंता किये बिना देता है अपना योगदान

RSS प्रमुख ने कहा कि संघ का स्वयं सेवक हमेशा अपनों की चिंता किये बिना अपना महत्वपूर्ण योगदान अदा करता है. देश के सैनिकों को जहां मूलभूत जरूरत महसूस होती है वहां संघ हमेशा खड़ा रहता है. पूर्व सैनिक सम्मेलन में उपस्थित लोगों से आह्वान करते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि आप संघ के स्वयंसेवकों के घर जाकर देखो कि वो कैसे जीते हैं उसके बाद संघ के साथ जुड़ें.

उन्होंने कहा कि आरएसएस पिछले 96 साल से चल रहा है. इसके लिए महज एक घंटे की शाखा ही काम है. बस उसी से स्वयं सेवक निकलते हैं. वह सब अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं. अपना जीवन यापन अपने हिसाब से करने के लिए स्वतंत्र हैं. हमारे कई संगठन अपने क्षेत्र में काम करते हैं. करीब एक लाख से ज्यादा प्रकल्पों में निस्वार्थ भाव से लाखों लोग अपना काम कर रहे हैं.

मिजोरम और कश्मीर घाटी को छोड़कर देश के हर राज्य के हर ब्लॉक में शाखा

मोहन भागवत ने कहा कि संघ का काम हिम्मत का है. संघ में दिया कुछ नहीं जाता बल्कि देश समाज के लिए त्याग का भाव होता है. मिजोरम और कश्मीर घाटी को छोड़ दें तो देशभर के हर राज्य के हर ब्लॉक में संघ की शाखाएं हैं. देश के लिए जैसा जीना आवश्यक वैसा जीने वाला शख्स संघ मांगता है.

भागवत ने कहा कि कोरोना ने भारत की पुरानी परंपराओं को फिर से पुनर्जीवित कर दिया. अब दुनिया चाहती है कि भारत अपना मॉडल अपने हिसाब से खड़ा करे. इससे भारत बड़ी शक्ति बने न बने मगर विश्व गुरु तो बन ही सकता है. इस कार्यक्रम में प्रदेश के पांच जिलों से 601 पूर्व सैनिकों ने भाग लिया.

पूर्व सैनिकों से फौज की तरह की संघ से मिलकर समाज में काम करें

कार्यक्रम अध्यक्ष कर्नल रूप चंद ने कहा कि सेना के जवानों की सेवानिवृत जीवन में भी कई अहम जिम्मेदारियां रहती हैं. उन्होंने पूर्व सैनिकों से फौज की तरह ही संघ से मिलकर समाज में काम करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इससे समाज एक बड़ी शक्ति के रूप में खड़ा होगा. प्रांत संघचालक वीर सिंह रांगड़ा ने कार्यक्रम में आए हुए सभी लोगों का धन्यवाद किया. इस मौके पर संघ के राष्ट्रीय, राज्य व जिला स्तर के अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे.

CDS बिपिन रावत व उनके सार्थियों के लिए 2 मिनट का मौन रख कर उन्हें याद किया. इस मौके पर शिवा ने भारत मां तेरी जय हो ऐसी कविता भी सुना.

Tags: Dharamshala, Mohan bhagwat, RSS, RSS chief

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