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Yes Bank Crises: धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के काम में आ सकती है बाधा!
Dharamsala News in Hindi

Bichitar Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: March 8, 2020, 8:31 AM IST
Yes Bank Crises: धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के काम में आ सकती है बाधा!
स्मार्ट सिटी के करीब 169 करोड़ रुपये यस बैंक में जमा हैं.

धर्मशाला में स्मार्ट सिटी परियोजना (Smart City Project Dharamshala) की धनराशि शुरू से ही येस बैंक के खाते में है. स्मार्ट सिटी के करीब 169 करोड़ रुपये येस बैंक में जमा है. ऐसे में यदि मामला जल्द नहीं सुलझा तो आने वाले समय में स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे निर्माण कार्य में बाधा आ सकती है.

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धर्मशाला. वित्तीय संकट से जूझ रहे येस बैंक (Yes Bank) पर आरबीआई (RBI) ने शिकंजा क्या कसा, इस बैंक के तमाम खाताधारकों की रातों की नींद और दिन का चैन ही उड़ गया. धर्मशाला में स्मार्ट सिटी परियोजना (Smart City Project Dharamshala) की धनराशि शुरू से ही येस बैंक के खाते में है. हालांकि कुछ समय पूर्व इस राशि को अन्य बैंकों में खाते खुलवाकर डाल दिया था. बाबजूद इसके स्मार्ट सिटी के करीब 169 करोड़ रुपये यस बैंक में जमा है. ऐसे में यदि मामला जल्द नहीं सुलझा तो आने वाले समय में स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे निर्माण कार्य में बाधा आ सकती है.

येस बैंक पर शिकंजा कसने के बाद आलम ये है कि अब खाताधारक खबर सुनते ही बैंक की नजदीकी शाखाओं की ओर अपना पैसा निकालने के लिए दौड़ रहे हैं. हालांकि, आरबीआई ने भारत सरकार को भरोसा दिलाया है कि यस बैंक के तमाम खाताधारकों के हितों का पूर्णत: ख्याल रखा जाएगा और उनके धन को किसी भी सूरत में डूबने नहीं दिया जाएगा. बावजूद इसके देशभर में येस बैंक के खाताधारकों में हड़कंप मचा हुआ है.

कई छोटे बैंकों ने भी येस बैंक में कर रखे हैं निवेश 



आरबीआई की येस बैंक को लेकर जारी गाइडलाइन को सुनने के बाद कांगड़ा-धर्मशाला के तमाम खाताधारक बैंक शाखा के चक्कर काटने पर मजबूर हो गए हैं. इसमें आम लोगों की बजाय कई सरकारी महकमों के विकास कार्यों के बजट के खाते भी इसी बैंक में हैं. अधिक ब्याज के चक्कर में कई छोटे बैंकों ने भी यहां निवेश कर रखा है. ऐसे में उनके लिए अपना काम चलना मुश्किल हो सकता है. इन सारे हालत से हड़कंप मचना जाहिर तौर पर लाजमी हो गया है.



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येस बैंक को लेकर गाइडलाइन जारी होने के बाद धर्मशाला के खाताधारक शाखा के चक्कर काटने पर मजबूर हो गए हैं. (File Photo)


स्मार्ट सिटी की बजट राशि यस बैंक में 2015 से डिपॉजिट

वर्ष 2015 में जब धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला था, उस वक्त सैकड़ों करोड़ रुपये के साथ धर्मशाला के यस बैंक में ही स्मार्ट सिटी के एमडी की ओर से खाता खोलकर स्मार्ट सिटी का बजट डिपॉजिट करवाया गया था. करीब 5 साल तक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए इसी बैंक से अमाउंट भी रिलीज किया जाता रहा. लेकिन इसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के मौजूदा एमडी प्रदीप ठाकुर की बुद्धिमता कही जाए या कोई इत्तेफाक कि उन्होंने महज कुछ समय पहले ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के खाते की कुछ धनराशि को येस बैंक के साथ साथ अन्य बैंक खातों में रखने का फैसला लेकर आज स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के विकास पर ब्रेक लगने से बचा लिया है.

येस बैंक में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के 169 करोड़ रुपये जमा

दरअसल, एमडी प्रदीप ठाकुर ने यस बैंक की बजाय दो-तीन अन्य बैंकों में भी खाते खुलवा दिए थे और अब येस बैंक में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के 169 करोड़ रुपये ही बकाया हैं. इसके लिए स्मार्ट सिटी के एमडी की ओर से बाकायदा मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डवलपमेंट के स्मार्ट सिटी बिंग को कार्यालय की ओर से पत्राचार भी कर दिया है ताकि भविष्य में येस बैंक से फंड की रिलीजिंग को लेकर कोई दिक्कत न आए. स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के तहत करोड़ों रुपए के विकास कार्य होने हैं.यस बैंक को आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक महज 50 हजार रुपये की निकासी करवाने का फरमान जारी किया गया है.

बैंक की शेयर होल्डिंग एसबीआई के साथ की जा रही है

उधर येस बैंक की देश के राष्ट्रीय और अग्रणी बैंक एसबीआई के साथ भी शेयर होल्डिंग हो रही है और खाताधारकों को भी विश्वास में लिया जा रहा है. बावजूद इसके फिलहाल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए हर खाताधारक किसी न किसी तरीके से डूबते हुए जहाज में सवारी करने से कन्नी काट रहे हैं और जो पहले से ही सवार थे वो अब अपने बचाव का रास्ता खोज रहे हैं.

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First published: March 8, 2020, 7:50 AM IST
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