Himachal LS Election 2019: मंडी से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा की हार के 5 कारण!

मंडी संसदीय सीट में 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. यहां पर भाजपा का परचम है. 17 में से 13 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है. तीन सीटें कांग्रेस और एक सीट आजाद विधायक के पास है. इसके अलावा, यहां भाजपा ने पीएम मोदी, राजनाथ सिंह जैसे चर्चित भाजपा नेताओं ने रैली की थी.

News18 Himachal Pradesh
Updated: May 23, 2019, 4:41 PM IST
Himachal LS Election 2019: मंडी से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा की हार के 5 कारण!
मंडी से आश्रय शर्मा की हार.
News18 Himachal Pradesh
Updated: May 23, 2019, 4:41 PM IST
हिमाचल प्रदेश की हॉट सीट पर जहां कांटे की टक्कर समझी जा रही थी, वहीं नतीजा उसके उलट आया है. भाजपा प्रत्याशी ने यहां से अप्रत्याशित जीत दर्ज की है. कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा को भाजपा के रामस्वरूप शर्मा ने करीब चार लाख मतों से मात दी है. वह दूसरी बार संसद पहुंचे हैं. आश्रय शर्मा की हार के बाद अब मंडी में सुखराम परिवार की राजनीति खात्मे होने की चर्चाएं हैं. मंडी से आश्रय शर्मा की हार सुखराम परिवार के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि उनके पिता भाजपा विधायक हैं, ऐसे में उनपर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है.

बार-बार पार्टी बदलना


सुखराम ठाकुर को हिमाचल की सियासत का चाणक्य माना जाता है. लेकिन बार- बार पार्टी बदलने के कारण उनकी साख को बट्टा लगा है. लोगों में इसे लेकर आक्रोश है कि सुखराम परिवार अपने स्वार्थ के लिए दल बदल लेता है. सत्ता भोगने के लिए यह परिवार कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा में आता-जाता रहता है. बीते 21 साल में सुखराम परिवार ने 4 बार पार्टी बदली है. कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह और भाजपा के दिग्गज नेताओं सुखराम को आया राम-गया राम की संज्ञा दी है. यह भाजपा के पक्ष मे गया और यहां से उसे रिकॉर्डतोड़ मत मिले.

सीएम ने झोंकी थी ताकत

मंडी हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर का गृह जिला है. यहां से प्रदेश मंत्रीमंडल में तीन मंत्री थे. हालांकि, अनिल शर्मा ने हाल ही में इस्तीफा दे दिया था. सीएम ने इस जिले में आने वाले 17 विधानसभा सीटों पर रैलियां की और रामस्वरूप के लिए वोट मांगे. वहीं, इस सीट पर कांग्रेस के आश्रय शर्मा को कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का साथ नहीं मिला. वीरभद्र सिंह यहां रैली करने तो पहुंचे लेकिन उन्होंने केवल पांच मिनट का भाषण यह कहते हुए खत्म कर दिया कि दूसरे नेता सारी बातें कह चुके हैं और उन्हें ज्यादा कुछ नहीं कहना. साथ ही वीरभद्र सिंह ने कहा था कि सुखराम को वह कभी माफ नहीं करेंगे, क्योंकि वह आया राम-गया राम हैं.

विधानसभा में भाजपा का दबदबा
मंडी संसदीय सीट में 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. यहां पर भाजपा का परचम है. 17 में से 13 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है. तीन सीटें कांग्रेस और एक सीट आजाद विधायक के पास है. इसके अलावा, यहां भाजपा ने पीएम मोदी, राजनाथ सिंह जैसे चर्चित भाजपा नेताओं ने रैली की थी.
Loading...

पिता अनिल शर्मा का प्रचार ना करना
आश्रय शर्मा के पिता अनिल शर्मा प्रचार अभियान से पूरी तरह दूर रहे. क्योंकि वह भाजपा के विधायक हैं. अगर वह अपने बेटे और कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा के लिए प्रचार करते तो उनकी विधायकी जा सकती थी. वह प्रचार अभियान से दूर रहे और इसका खामियाजा उनके बेटे को भुगतना पड़ा. यहां तक की अनिश शर्मा अपनी सीट मंडी सदर भी नहीं गए और घर पर दुबके रहे.

कांग्रेस में तालमेल की कमी
हिमाचल में लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में तालमेल की कमी देखी गई. वहीं, मंडी में भी कांग्रेस के पास कई बूथों पर पोलिंग एंजेट तक नहीं थे. खुद आश्रय शर्मा ने आरोप लगाया था कि सराज में बूथ कैप्चरिंग की गई है और वहां उनका पोलिंग एंजेंट नहीं था. वहीं, चुनाव अभियान के दौरान ही कांग्रेस ने अपने जिलाध्यक्ष को हटाया था, जबकि बाद में सफाई देकर कहा था कि जिलाअध्यक्ष को हटाया नही, बल्कि उपजिलाध्यक्ष की नियुक्ति की गई है.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...