मीटर इंस्टॉल कराने में 25 लाख की जगह 2.5 करोड़ खर्च कर रही सरकार

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 30, 2019, 12:19 PM IST
मीटर इंस्टॉल कराने में 25 लाख की जगह 2.5 करोड़ खर्च कर रही सरकार
हिप्र राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि सस्ती चीजों को महंगे दामों पर खरीद रहा है बिजली बोर्ड

25 हजार मीटर इंस्टाल कराने के लिए टेंडर लेनेवाली जम्मू की कंपनी को अधिक से अधिक 25 लाख खर्च करने पड़ेंगे. लेकिन सरकार कंपनी को इसी काम के लिए करीब 2.5 करोड़ का भुगतान करेगी.

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हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड यूनियन (Himachal Pradesh Electricity Board Union) के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरबाड़ा ने सरकार पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाया है. कुलदीप सिंह का कहना है कि इलेक्ट्रिक मीटर इंस्टॉल (Electric Meter install) करने के जिस काम में महज 25 लाख रुपए का खर्च आना चाहिए उस काम के लिए सरकार 2.5 करोड़ रुपए खर्च कर रही है. खरबाड़ा ने कहा कि प्रदेश में 25 हजार मीटर इंस्टॉल करने का टेंडर जम्मू की एक कंपनी (Tender given to Jammu Company) को दिया गया है. इसमें 982 रुपए प्रति मीटर इंस्टॉल करने का रेट रखा गया है जबकि मीटर की कीमत 986 रुपए है. उन्होंने कहा कि टेंडर लेने वाली जम्मू की कंपनी प्रति मीटर 50 से 100 रुपए देकर नौजवानों से मीटर इंस्टॉल करवा रही है. इस तरह 25 हजार मीटर इंस्टॉल कराने के लिए टेंडर लेनेवाली कंपनी को अधिक से अधिक 25 लाख खर्च करने पड़ेंगे. लेकिन सरकार कंपनी को इसी काम के लिए करीब 2.5 करोड़ का भुगतान करेगी. खरबाड़ा ने बताया कि इसी प्रकार से पूरे प्रदेश में टेंडर किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों और प्रदेश के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है.

कर्मचारी यूनियन ने मीटर इंस्टाल कराने का काम बिजली कर्मचारियों के माध्यम से करवाने की उठाई मांग


मंडी में संपन्न हुए बोर्ड के सम्मेलन के दौरान खरबाड़ा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बिजली बोर्ड के घाटे में जाने का मुख्य कारण बोर्ड प्रबंधन का मिस मैनेजमेंट है. इसके चलते आज बिजली बोर्ड में होने वाले अधिकतर कार्यों को निजी कंपनियों (Private Companies) को सौंपा जा रहा है. उन्होंने बिजली बोर्ड प्रबंधन (Electricity Board Management) पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन की लचर कार्यप्रणाली के चलते आज सभी कार्य कर्मचारियों से न करवाकर महंगे दाम देकर निजी कंपनियों द्वारा करवाए जा रहे हैं.

26 सौ का बिजली पोल 8 हजार में खरीदा जा रहा है

खरबाड़ा ने सरकार से इस प्रक्रिया को बंद करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2600 रुपए का सिमेंट का एक बिजली पोल 8 हजार रुपए में खरीदा जा रहा है. 11 रुपए मीटर वाली तार को 53 रुपए में और 15 रुपए मीटर वाली तार के 177 रुपए दिए जा रहे हैं. उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे बिजली बोर्ड के इस प्रकार के कार्य की जांच करें. इसके साथ ही उन्होंने बिजली बोर्ड में रिक्त (Vacancy in Electricity Board) पड़े 7 हजार के लगभग पदों को जल्द भरने की मांग भी उठाई. यूनियन ने प्रदेश में आउटसोर्स भर्तियों पर प्रतिबंध (Ban on outsourced recruits) लगाने और न्यू पेंशन स्कीम को भी बंद करने का आह्वान किया है.

मंडी में आयोजित सम्मेलन में मंडी इकाई का प्रधान टिक्कम सिंह, सचिव हिमांशु, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सूरज सिंह, वाइस प्रेसिडेंट ज्योति शर्मा, सीमा देवी, कुंदन लाल, संत राम, रमेश चंद, ओम प्रकाश, राकेश कुमार, संयुक्त सचिव मुनी लाल, ललित कुमार, मदन सिंह, वित्त सचिव राजेंद्र कुमार, संगठन सचिव दलीप राव व प्रेस सचिव हरीश कुमार को बनाया गया.

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First published: August 30, 2019, 8:48 AM IST
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