हमीरपुर: कोरोना से दो महिलाओं की मौत, अंतिम संस्कार का विरोध, 17 घंटे घर में पड़ा रहा शव

 हिमाचल में कोरोना कोरोना वायरस.

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Corona Death in Hamirpur: 17 घंटे तक शव घर पर पड़ा रहा. अंत में गुर्याह गांव की महिला के शव को पैतृक श्मशानघाट में संस्कार करने के लिए ले जाया गया. जबकि, बुधवीं गांव की महिला के शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 2:07 PM IST
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हमीरपुर. हिमाचल प्रदेश में कोरोना (Corona Virus) ने तीन दिन में 50 लोगों की जान ली है. 11 से लेकर 70 साल तक के लोगों की जान गई है. हमीरपुर (Hamirpur) में एक गांव में 12 घंटे में दो महिलाओं की मौत हो गई. आलम यह हुआ कि महिला के अंतिम संस्कार (Cremation) के लिए 17 घंटे का इंतजार करना पड़ा. लोगों ने कोरोना संक्रमित महिला के शव को गांव के श्माशान घाट (Graveyard) में जलाने का विरोध किया.

हमीरपुर के विकास खंड नादौन की ग्राम पंचायत गलोड़ खास के दो गांवों में 13 घंटों के भीतर कोविड-19 से दो महिलाओं की मौत के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है. गांववासी मृत शरीर के पास जाने से कतराते रहे. ऐसे में शवों का अंतिम संस्कार करना टेढ़ी खीर साबित हुआ.

दिल्ली से लौटा था बेटा

ग्राम पंचायत गलोड़ खास के गांव गुर्याह में बुधवार रात्रि 11 बजे 60 वर्षीय महिला की अचानक मौत हो गई. महिला का बेटा कुछ दिन पहले ही दिल्ली से घर लौटा था. रात को जैसे ही उसकी माता का देहांत हो गया तो गांववासी भयभीत हो गए. इसकी सूचना प्रशासन को दी गई. गुरुवार को दोनों के सैंपल लिए गए तो महिला और उसका बेटा पॉजिटिव निकला.कोविड-19 की वजह से मौत हो जाने पर मृतक का अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो गया. अभी तक पहली समस्या का हल हुआ नहीं था कि दूसरी ओर इसी पंचायत के गांव बुधवीं में 50 वर्षीय महिला का भी देहांत हो गया.
तीन दिन से बीमार थी महिला

उर्मिला देवी तीन दिन से बीमार थी और निजी तौर पर इलाज करवा रह थी. गुरुवार दोपहर एक बजे उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उन्हें गलोड़ अस्पताल लाया गया. वहां के चिकित्सक डॉ. मोहित ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत गई थी. जब महिला का कोरोना सैंपल लिया तो वह पॉजिटिव निकली. क्षेत्र में अचानक दो मौतें हो जाने से भय का माहौल बना हुआ है. डॉ. मोहित डोगरा ने बताया कि दोनों महिलाओं की मौत कोविड-19 से हुई है और कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ही इनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

लोगों ने किया विरोध



शाम चार बजे तक गुर्याह गांव में हुई मृत्यु में महिला के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया. अंतिम संस्कार के लिए कुनाह खड्ड के पास जगह को चिन्हित किया गया था, लेकिन नाल्टी और ब्राहलड़ी क्षेत्र के लोगों के विरोध किए जाने से समस्या गंभीर बन गई है. 17 घंटे तक शव घर पर पड़ा रहा. अंत में गुर्याह गांव की महिला के शव को पैतृक श्मशानघाट में संस्कार करने के लिए ले जाया गया. जबकि, बुधवीं गांव की महिला के शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया गया. गलोड़ खास पंचायत के प्रधान संजीव शर्मा का कहना है कि खड्ड किनारे शव को जलाने का ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके चलते पैतृक गांव में महिला का अंतिम संस्कार किया गया.
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