COVID-19: अस्पताल के गेट पर बैठा रहा कोरोना संक्रमित दंपति, नहीं मिली एंबुलेंस तो ट्राले में गए घर

वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर वी. रवि ने कहा कि संक्रमण के लक्षण बदल गए हैं. लोगों को बिना समय गंवाए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. फाइल फोटो

वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर वी. रवि ने कहा कि संक्रमण के लक्षण बदल गए हैं. लोगों को बिना समय गंवाए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. फाइल फोटो

Corona virus in Himachal; उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक से फोन पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई. व्हाट्सऐप पर मैसेज भी भेजा, लेकिन उसका भी जवाब नहीं मिला.

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हमीरपुर. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर (Hamirpur) जिले में कोरोना से निपटने के प्रबंध नाकाफी साबित हो रहे हैं. शुक्रवार को भोरंज सिविल अस्पताल में गांव लडवीं का एक दंपती मधुमेह और बुखार के चलते उपचार के लिए पहुंचा थाय चिकित्सकों ने उन्हें कोरोना टेस्ट करवाने को कहा, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. डॉक्टरों ने उन्हें दवाइयों की किट देकर होम क्वारंटीन Quarantine) होने को कहा, लेकिन प्रबंधन ने उन्हें एंबुलेंस (Ambulance) की व्यवस्था न होने का तर्क दिया. इस पर संक्रमित दंपती घर जाने के लिए करीब पांच घंटे अस्पताल के गेट पर वाहन के इंतजार में बैठा रहा.

मुकर गए टैक्सी ऑपरेटर

ट्रैक्सी ऑपरेटरों के आगे भी दंपती ने हाथ जोड़े, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ. बाद में एक ट्राला चालक ने इंसानियत के नाते दोनों को ट्राले में बिठाकर शाम 5:45 बजे घर पहुंचाया. महिला ने बताया कि उनके पति की तबीयत खराब है, वह अस्पताल में भर्ती होना चाहते हैं, लेकिन कोई मदद नहीं कर रहा.

डीसी से बातचीत का प्रयास
इस बारे में उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक से फोन पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई. व्हाट्सऐप पर मैसेज भी भेजा, लेकिन उसका भी जवाब नहीं मिला. बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया ने कहा कि कोरोना जांच में रोजाना 20 से 25 लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं, लेकिन संक्रमितों को घर छोड़ने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है. दंपति को कोविड अस्पताल रेफर नहीं किया था, उन्हें दवाइयां देकर होम क्वारंटीन होने को कहा था.
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