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freedom fighter family in hamirpur is facing the stigma of neglect pleading for help

हमीरपुर में स्वतंत्रता सेनानी का परिवार झेल रहा अनदेखी का दंश, लगाई मदद की गुहार

आजाद हिन्द फौज के सिपाही रहे बेली राम के परिवार की काफी अनदेखी हुई है.

आजाद हिन्द फौज के सिपाही रहे बेली राम के परिवार की काफी अनदेखी हुई है.

आजाद हिन्द फौज के सिपाही रहे बेली राम के परिवार की काफी अनदेखी हुई है. इस स्वतंत्रता सेनानी का पुराना घर इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी बरसात में जमीदोंज हो सकता है. परिवार के सदस्यों ने कई बार जिला प्रशासन से लेकर सरकार के नुमाइदों से परिवार की हालत बारे गुहार लगाई है, लेकिन कुछ नहीं मिला

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हमीरपुर. हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर जिला के गांव गरोडू डाकघर कनरेड के स्वर्ग सिधार चुके बेली राम का परिवार सुविधाओं को तरस रहा है. आजाद हिन्द फौज के सिपाही रहे बेली राम के परिवार की काफी अनदेखी हुई है. परिवार के सदस्यों ने कई बार जिला प्रशासन से लेकर सरकार के नुमाइदों से परिवार की हालत बारे गुहार लगाई है, लेकिन कुछ नहीं मिला. इस स्वतंत्रता सेनानी का पुराना घर इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी बरसात में जमीदोंज हो सकता है.

बता दें कि 27 अप्रैल 1973 को स्वतंत्रता सेनानी बेली राम का निधन हो गया था. बेली राम ने आजाद हिन्द फौज में सिपाही रहे हैं. 1945 में अंग्रेजों ने कोर्ट मार्शल किया था, जिसके कारण आठ महीने तक सिंगापुर तथा चार साल तक कोलकाता के जेल में रहे.

स्वतंत्रता सेनानी के बेटे कश्मीर सिंह ठाकुर ने बताया कि 14 साल की उम्र में पिता आजाद हिन्द फौज में शामिल हुए थे और सुभाष चद्र बोस के रंगून में शुरू हुए आंदोलन में भी साथ ही रहे. उन्होंने बताया कि रंगून से लेकर कोहिमा तक विश्व युद्ध लड़ते रहे. उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद उनकी मां को पेंशन मिलती थी, लेकिन बाद में स्वत्रतंता सेनानी के परिवार की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है. उन्होंने बताया कि आज पुराना घर जर्जर हो चुका है, तो स्वतंत्रता सेनानी की याद में बनाए गए गेट की हालत भी दयनीय बनी हुई है.

कश्मीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मां के निधन के बाद अब जिला प्रशासन के द्वारा कोई सुध नहीं ली गई, जबकि स्वतंत्रता सेनानी संघ के माध्यम से भी उपायुक्त से कई बार इस बाबत आग्रह किया जा चुका है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से भी गुहार लगाई है कि स्वतंत्रता सेनानी परिवार को मदद की जाए और सम्मान दिया जाए. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि जर्जर हो चुके घर की मरम्मत के लिए प्रशासन से भी गुहार लगा चुके है, लेकिन कोई मदद नहीं मिली है और आजकल बरसात में कभी भी घर जमीदोज हो सकता है.

कश्मीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी मुलाकात की थी और स्वत्रतंता सेनानी की ओर से पत्र बनाकर दिया था, लेकिन आज कई साल बीतने पर भी कोई जबाव नहीं आया है. उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की ओर जल्द ध्यान दिया जाए.

वहीं गांव के युवा का कहना है कि दादा स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं, लेकिन परिवार की हालत की ओर सरकार और प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है. इसलिए सरकार को चाहिए कि स्वतंत्रता सेनानी परिवार की सुध ली जाए. पुत्रबधू रेखा ने मांग करते हुए कहा कि घर की हालत बहुत ही दयनीय बनी हुई है और कभी घर ढह सकता है. उन्होंने बताया कि कभी भी घर गिर सकता है, इसलिए सरकार जल्द घर की मरम्मत करवाने के लिए प्रावधान करें.

Tags: Hamirpur news, Himachal pradesh

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