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VIDEO: हमीरपुर की 21 साल की बस ड्राइवर नैंसी, जिसे देखकर हर किसी की आंखें खुली रह जाती हैं

हमीरपुर की 21 साल की नैंसी ने बीकॉम की पढ़ाई की है.

हमीरपुर की 21 साल की नैंसी ने बीकॉम की पढ़ाई की है.

Hamirpur 21 year old Bus Driver Nancy: नैंसी के पिता चंडीगढ़ पुलिस में तैनात हैं, जबकि माता गृहिणी हैं. एक भाई हर्ष आईटीआई कर रहा है. नैंसी का सपना आर्मी में ट्रक चलाना था, लेकिन सेना में परमिशन न होने की जानकारी होने के बाद उन्होंने बस चलाने का फैसला किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2021, 2:24 PM IST
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हमीरपुर. 21 साल की नैंसी जब बस का स्टेयरिंग थामे और सर्पिली सड़कों पर मोड काटते हुए दिखती है तो हर कोई दंग रह जाता है. मामला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर (Hamirpur) जिले से है. महिला सशक्तिकरण को नारे को साकार करने के लिए हमीरपुर की 21 साल की नैंसी पूरा दमखम दिखा रही है. एचआरटीसी ड्राइविंग स्कूल (HRTC Driving School) में नैंसी ने बस ड्राइविंग सीख कर सभी को हैरत में डाला है. एचआरटीसी विभाग भी नैंसी की निपणुता को देखकर गदगद है.

नैंसी के हौंसले को देखकर सभी हैरान है. नैंसी का सपना है कि वह वॉल्वो बस चलाए और कुछ अलग करके दिखाए. हमीरपुर से बीकॉम डिग्री धारक 21 वर्षीय नैंसी को मां ने बस चलाने के लिए प्रेरित किया. नैंसी ने दो माह का बस चालक प्रशिक्षण हासिल करने हमीरपुर एचआरटीसी डिपो में प्रशिक्षण पूरा किया है. हमीरपुर की ग्राम पंचायत कश्मीर की बेटी नैंसी ने बस चलाने का प्रशिक्षण लिया है.
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नैंसी ने बताया कि बचपन से ही ड्राइविंग का शौक रहा है. ड्राइविंग सीखने के लिए परिवार ने भी पूरा साथ दिया है. कुछ अलग करने की चाहत मन में रहती है. लोग कई तरह की बातें करते है, लेकिन लोगों का काम बोलना है. वह आर्मी में बतौर लेडी ड्राइवर भर्ती होना चाहती हैं.
हमीरपुर की नैंसी बस चलाने का प्रशिक्षण लेते हुए.




पिता चंडीगढ़ पुलिस में तैनात
नैंसी के पिता चंडीगढ़ पुलिस में तैनात हैं, जबकि माता गृहणी हैं. एक भाई हर्ष बंगाणा से आईटीआई कर रहा है. नैंसी का सपना आर्मी में ट्रक चलाना है, लेकिन आर्मी में ड्राइविंग में लडकियों की रिक्तियां नहीं होने से बस चलाने की सोची.

क्या कहती हैं नैंसी
नैंसी ने लडकियों को संदेश देते हुए कहा कि लड़कियों को कभी कम नहीं आंकना चाहिए. सपने को पूरा करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए. आगे बढ़ने पर पीछे धकेलने के लिए भी लोग काम करते है, लेकिन बेपरवाह होकर आगे बढ़तें रहे. नैंसी की माता जमना देवी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नैंसी ड्राइविंग सीखना चाहती थी और परिवार ने नैंसी की इच्छा पूरी की है. हर माता को अपनी बेटी को बेटे के समान समझना चाहिए और बेटियों को भी आगे बढने के लिए पूरा साथ दे.

17 स्टूडेंट में अकैली नैंसी
ड्राइविंग स्कूल में प्रशिक्षण के दौरान उसने बस को चलाने के साथ.साथ इसके कलपुर्जों के बारे में भी ज्ञान पाया है. एचआरटीसी हमीरपुर के प्रशिक्षक अजय कुमार ने इस बेटी को भारी वाहन चलाना सिखाया है. अजय का कहना है कि कुल 17 प्रशिक्षुओं में यह इकलौती लड़की थी. उन्होंने बताया कि नैंसी बस चलाने में पूरी निपुण हो गई है. एचआरटीसी आरएम हमीरपुर विवेक लखनपाल ने कहा कि यह जिला के लिए गर्व की बात है. ड्राइविंग स्कूल के लिए लड़की को बस सिखाना चुनौती रही है. एचआरटीसी डिपो में लड़की के हैवी व्हीकल सीखने का पहला मामला है.
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