हिमाचल लोकसभा नतीजे: क्या रंग लाएगा अनुराग ठाकुर का राजनीतिक चौका?
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हिमाचल लोकसभा नतीजे: क्या रंग लाएगा अनुराग ठाकुर का राजनीतिक चौका?
अनुराग ठाकुर

क्रिकेट में ​बतौर खिलाड़ी नाकाम रहने के बाद अनुराग ठाकुर ने अपनी सियासी पारी शुरू की और वह हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर सीट से जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं. अब एक बार फिर से सियासत के मैदान में हैं. उनके खिलाफ हार की हैट्रिक लगा चुके कांग्रेस के रामलाल ठाकुर चुनाव लड़ रहे हैं.

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लोकसभा चुनाव 2019 में हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर सीट से अनुराग ठाकुर चुनावी जीत का चौका लगाकर संसद पहुंच रहे हैं. 23 मई को जारी मतगणना के दौरान रात पौने ग्यारह बजे तक ठाकुर 6 लाख 82 हज़ार से ज़्यादा वोट हासिल कर चुके हैं जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर के खाते में महज़ 2 लाख 83 हज़ार वोट गिरे. यानी करीब चार लाख वोटों की लीड निर्णायक साबित हो सकती है. गौरतलब है कि इस बार चुनाव अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल की जनता से कहा था कि अगर इस बार अनुराग भारी मतों से जीतकर संसद आएंगे तो उन्हें बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी.

साल 2001 में जब अनुराग ठाकुर ने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच खेला तो वह खाता नहीं खोल पाए थे. क्रिकेट की पिच पर तो उन्हें कामयाबी नहीं मिली लेकिन सियासत की पिच पर खासे कामयाब हुए. लगातार तीन चुनाव जीतकर अनुराग ठाकुर अब जीत का चौका लगाने के लिए तैयार हैं.

हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर पीएम मोदी करीबी माने जाते हैं और भाजपा के युवा नेताओं में शुमार हैं. मौजूदा समय में वह लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक हैं. मई 2016 से फरवरी 2017 तक वह बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रहे. अनुराग ठाकुर ने अपने क्रिकेट करियर में एक ही मुकाबला खेला है.



क्रिकेट से सियासत में ऐसे हुई एंट्री
अनुराग हिमाचल प्रदेश राज्य क्रिकेट संघ के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने. इसके अलावा, 2001 में 26 साल में सबसे युवा राष्ट्रीय चयनकर्ता भी बनाए गए. अनुराग ठाकुर ने एकमात्र प्रथम श्रेणी मैच 2000-01 में खेला था. जम्मू-कश्मीर के खिलाफ इस मैच में अनुराग ठाकुर ने हिमाचल की अगुवाई की थी. इस मैच में उन्होंने सात गेंदें खेली और वह बिना रन बनाए आउट हो गए थे. हालांकि गेंदबाजी में 2 विकेट जरूर लिए थे.

हमीरपुर संसदीय सीट भाजपा की पराम्परागत सीट है. 1996 में इस सीट से कांग्रेस के मेजर विक्रमजीत सिंह कंवर ने चुनाव जीता था, लेकिन उसके बाद से लगातार 7 लोकसभा चुनाव से यह सीट भाजपा के खाते में आई है. अनुराग के पिता धूमल भी हमीरपुर से तीन बार सांसद रह चुके हैं.

अनुराग ने की बीए तक की पढ़ाई
हलफनामे में दर्ज जानकारी के मुताबिक 24 अक्टूबर 1974 को हमीरपुर में जन्मे अनुराग ठाकुर ने पंजाब के दयानंद मॉडल स्कूल, जालंधर शुरुआती पढ़ाई की. इसके बाद दोआबा कॉलेज जालंधर से बीए किया. 27 नवंबर 2002 हिमाचल के पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर की बेटी शेफाली से अनुराग की शादी हुई. फिलहाल, अनुराग के जयादित्य और उदयवीर दो बेटे हैं.

ऐसा रहा है कुछ सालों का सियासी सफर
अनुराग ठाकुर 2008 में पहली बार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए. 2008 का उपचुनाव उन्होंने जीता और पहली बार संसद पहुंचे. इसके बाद 2009 और 2014 में भी उन्हें जीत मिली. इसके अलावा, अनुराग भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं. साल 2016 में अनुराग प्रादेशिक सेना (टीए) में नियमित कमीशन अधिकारी बनने वाले पहले सांसद बने.

अनुराग के साथ विवाद भी जुड़े
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोशिएसन के धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए जमीन देने में कथित अनियमितताओं के संबंध में अनुराग ठाकुर, उनके पिता धूमल और अन्य के खिलाफ 2014 में कांग्रेस सरकार ने केस दर्ज किया था. हालांकि, बाद में यह मामला कोर्ट ने खारिज कर दिया था.
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