हिमाचल प्रदेश: सरकार ने बंदरों को मारने की तारीख 31 मार्च 2019 तक बढ़ाई

हिमाचल प्रदेश के वर्मिंग तहसीलों में बंदरों को मारने की तारीख बढ़ा दी गई है. बंदरों के आतंक से निजात पाने के लिए लोग अब बंदरों को 31 मार्च 2019 तक मार सकते हैं.

Jasbir Kumar | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 16, 2018, 1:36 PM IST
हिमाचल प्रदेश: सरकार ने बंदरों को मारने की तारीख 31 मार्च 2019 तक बढ़ाई
हिमाचल प्रदेश में बंदरों का आतंक
Jasbir Kumar | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 16, 2018, 1:36 PM IST
हिमाचल प्रदेश के वर्मिंग तहसीलों में बंदरों को मारने की तारीख बढ़ा दी गई है. बंदरों के आतंक से निजात पाने के लिए लोग अब बंदरों को 31 मार्च 2019 तक मार सकते हैं. पिछले कुछ महीनों में किसानों ने बंदरों को मारने में दिलचस्पी नहीं दिखाई हैं, यही कारण है कि वन विभाग ने वर्मिंग तहसीलों में बंदरों को मारने की तारीख बढ़ा दी है.

प्रदेश में बंदरों के आतंक की वजह से प्रदेश के किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं,  इसीलिए प्रदेश के 36 तहसीलों में बंदर को बर्मिन श्रेणी में रखा गया है. बर्मिन श्रेणी में उन जानवरों को रखा जाता है जो संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं या जिनसे घातक बीमारी फैलने के साथ मानव जीवन को खतरा होता है.

प्रदेश में बंदरों की संख्या  2017 में 2 लाख 7 हजार थी.  अभी तक 1 लाख 40 हजार बंदरों की नशबंदी की जा चुकी है जबकि इस साल 20 हजार बंदरों के नसबंदी का टारगेट रखा गया है. वन विभाग का कहना है कि  नसबंदी की वजह से बंदरो की आबादी में बहुत कमी आई है. अगर बंदरों की  नसबंदी नहीं की जाती तो इनकी संख्या 6 लाख पार कर जाती.

हमीरपुर वन्य प्राणी के अरण्यपाल प्रदीप ठाकुर ने कहा कि वर्मिंग तहसीलों में बंदरों को मारने पर इनाम राशि की घोषणा भी की गई थी, बावजूद इसके बहुत कम बंदरों के मारने की रिपोर्ट आई है. वन विभाग ने बंदरों के मारने की तारीख आगे बढ़ा दी है. इसके साथ विभाग जल्द ही एक सर्वे कराएगा कि बंदर क्यों लोगों पर हमला कर रहे हैं.

 
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