हमीरपुर लोकसभा सीट: ठाकुरों की जंग में किसके हाथ लगेगी बाजी?
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हमीरपुर लोकसभा सीट: ठाकुरों की जंग में किसके हाथ लगेगी बाजी?
हमीरपुर से बीजेपी के अनुराग ठाकुर मैदान में हैं.

बीजेपी से लगातार चौथी बार एमपी बनने की कोशिश में अनुराग ठाकुर मैदान में हैं. 2008 के उपचुनाव से वो लगातार एमपी हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस ने राम लाल ठाकुर को उतारा है. राम लाल ठाकुर नैना देवी विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे हैं.

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हिमाचल की निचली पहाड़ियों पर स्थित हमीरपुर जिला समुद्र तल से 400 से 1100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. पाइन के पेड़ों से घिरा है शहर दिल्ली से करीब 420 किलोमीटर दूर है. माना जाता है कि यहां के शासक हमीरचंद के नाम पर ही जगह का नाम हमीरपुर पड़ा. कांगड़ा जिले से अलग होने के बाद 1972 में हमीरपुर अस्तित्‍व में आया था. हिमाचल वैसे भी पहाड़ों और मंदिरों के लिए मशहूर है. हमीरपुर में भी कुछ ऐतिहासिक और धार्मिक स्‍थल हैं. यहां का देवसिद्ध मंदिर, सुजानपुर टीहरा और नादौन खासे लोकप्रिय हैं.

वीरों और शहीदों की भूमि के नाम से प्रसिद्ध इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि के साथ कुछ लघु उद्योगों पर निर्भर है. अर्थव्यवस्था के लिहाज से पर्यटन अहम है.

कौन हैं प्रत्याशी?
एक बार फिर यहां मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही है. बीजेपी से लगातार चौथी बार एमपी बनने की कोशिश में अनुराग ठाकुर मैदान में हैं. 2008 के उपचुनाव से वो लगातार एमपी हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस ने राम लाल ठाकुर को उतारा है. राम लाल ठाकुर नैना देवी विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे हैं. 67 साल के राम लाल ठाकुर 1985 में पहली बार विधायक बने थे. वो तीन बार हिमाचल सरकार में मंत्री रहे हैं. वो लोकसभा चुनाव भी लड़े हैं.
इस लोकसभा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला है. हालांकि पिछले तीन बार से यह सीट बीजेपी के पास है.
इस लोकसभा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला है. हालांकि पिछले तीन बार से यह सीट बीजेपी के पास है.




अनुराग लगातार तीन बार से सांसद हैं. वह मई 2016 से फरवरी 2017 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. 29 जुलाई 2016 को वह प्रादेशिक सेना में नियमित कमीशन अधिकारी बनने वाले संसद के पहले सदस्य बने थे. अनुराग ठाकुर को बीजेपी के युवा नेताओं में अहम माना जाता है.

पिछले चुनाव का हाल
2014 में बीजेपी के प्रत्याशी अनुराग ठाकुर ने इस सीट पर 98 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी. अनुराग ठाकुर को 4.48 लाख वोट मिले थे. कांग्रेस के प्रत्याशी राजेंद्र सिंह राणा को 3.49 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के कमल कांत बत्रा थे, उन्हें करीब 15 हजार वोट मिले थे. खास बात है कि इस सीट पर पिछले चार चुनावों में बीजेपी के जीत का अंतर औसतन 80 हजार रहा है.

1989 से पहले तक यह सीट कांग्रेस के कब्‍जे में रही.
1989 से पहले तक यह सीट कांग्रेस के कब्‍जे में रही.


1980 से इस सीट का हाल देखें, तो पाएंगे कि शुरुआत में कांग्रेस का दबदबा रहा. 1980 और 84 में कांग्रेस के नरैन चंद शाह जीते. 1989 में पहली बार इस सीट पर बीजेपी का खाता खुला और प्रेम कुमार धूमल जीते. 1991 में धूमल ने दोबारा जीत दर्ज की, लेकिन 1996 का चुनाव वह कांग्रेस प्रत्याशी मेजर जनरल विक्रम सिंह (रिटायर) से हार गए. 1998 से 2004 तक लगातार तीन बार बीजेपी के सुरेश चंदेल जीते. 2007 उप चुनाव में भी बीजेपी जीती. इस बार प्रेम कुमार धूमल ने जीत दर्ज की. वह मुख्यमंत्री बने तो अगले साल उनके बेटे अनुराग ठाकुर जीते. उसके बाद से वही इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रह हैं.

सामाजिक समीकरण
हमीरपुर लोकसभा सीट के में 17 विधानसभा सीट आती हैं. ये हैं - देहरा, भोरंज, बड़सर, जसवां-प्रागपुर, सुजानपुर, नदौन, धर्मपुर, हमीरपुर, चिन्‍तपुरनी, गगरेट, ऊना, कुटलैहड़, झंडुता, घुमारवीं, बिलासपुर, श्री नैना देवीजी और हरोली. 2017 के विधासभा चुनाव में बीजेपी 9 और कांग्रेस 8 सीटों पर जीती थी. भारत निर्वाचन आयोग की 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस लोकसभा क्षेत्र में 12.47 लाख वोटर हैं, जिनमें 6.33 लाख पुरुष और 6.14 लाख महिला वोटर हैं.
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