हमीरपुर: गलवान घाटी में शहीद अंकुश के परिजन पानी की बूंद-बूंद को तरसे

शहीद अंकुश के परिजन खाली बाल्टियां दिखाते हुए.

डीसी हमीरपुर देवश्वेता बनिक का कहना है कि परिजनों की ओर से जानकारी देने पर आईपीएच विभाग को जल्द समस्या हल करने को निर्देश दिए गए हैं.

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हमीरपुर. गलवान घाटी (Galwan Valley) में बीते वर्ष चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के हमीरपुर के सैनिक अंकुश ठाकुर ने भी अपने प्राण देश की रक्षा के न्यौछावर किये थे. हिमाचल सरकार ने उनकी शहीदत को लेकर जो घोषणाएं की थी, एक वर्ष बीत जाने बाद भी एक-आध को छोड़कर कोई भी पूरी नहीं हो पाई हैं. यह आरोप शहीद के परिजनों ने सरकार पर लगाए हैं. शहीद के माता-पिता ने कहा घोषणाएं तो पूरी नहीं हुई, लेकिन आज कल मूलभूत पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है. आईपीएच विभाग (IPH Department) को अवगत करवाने के बाबजूद भी समस्या हल नहीं हुई है.

क्या घोषणानाएं हुई थी

प्रदेश की जयराम ठाकुर ने शहीद के नाम पर गेट बनाना, शमशान घाट तक सड़क सुविधा देने घोषणाएं की थी,  लेकिन एक साल पूरा बीत जाने के बाद अभी तक सरकार ने एक आध घोषणा के अलावा किसी कोई भी सरकार द्वारा कोई घोषणा पूरी नही हुई है. शहीद अंकुश के पिता अनिल कुमार ने बताया कि आज एक साल अंकुश की शहादत को हो रहा है, लेकिन सरकार की घोषणाएं पूरी तक नहीं की गई. शादी के दस साल बाद अंकुश परिवार में आया था और अंकुश के जाने का आज भी गम है. उन्होंने बताया कि स्कूल का नाम अंकुश के नाम होना था तो सड़क का नाम भी होना था. भागदौड में कई माह बीत गए हैं और अब भी घोषणाए अधूरी ही हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी शहीद का बुत्त बनाने के साथ स्मारक बनाने का वायदा किया था, लेकिन सब अधूरे हैं.

शहीद अंकुश के परिजन.


टैंकरों से पानी की सप्लाई हो रही है

शहीद के पिता ने बताया कि घर में पीने के पानी की समस्या बरकरार बनी हुई है और पानी के टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है. इस बाबत आईपीएच विभाग के अलावा जिला प्रशासन को भी लिखित तौर पर शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक पानी की समस्या हल नहीं हो पाई है. उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार की अनदेखी की जा रही है, जिससे बहुत दुखी है. माता उषा देवी ने बताया कि अभी तक शहीद के नाम पर गेट नहीं बन पाया है. कई दिनों से घर में पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. स्थानीय निवासी नंद लाल रणौत ने बताया कि शहीद के नाम पर की गई घोषणाओं को जल्द अमलीजामा पहनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि शहीद के घर में मूलभूत सुविधाओं को पूरा जल्द करना चाहिए. बता दें कि गलवान घाटी में गत वर्ष 16 जून 2020 को हमीरपुर के अंकुश ठाकुर ने शहादत का जाम पिया था और शहीद होने पर कड़ोहता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पहुंच कर शहीद को श्रद्धांजलि दी थी और उनके नाम पर कई घोषणाएं भी की थी. डीसी हमीरपुर देवश्वेता बनिक का कहना है कि परिजनों की ओर से जानकारी देने पर आईपीएच विभाग को जल्द समस्या हल करने को निर्देश दिए गए हैं.

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