भारत-चीन झड़प: पंचत्व में विलीन हुए हमीरपुर के शहीद अंकुश ठाकुर, सैन्य सम्मान के साथ विदाई
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भारत-चीन झड़प: पंचत्व में विलीन हुए हमीरपुर के शहीद अंकुश ठाकुर, सैन्य सम्मान के साथ विदाई
शहीद अंकुश ठाकुर के घर पर लोगों की भीड़ मौजूद रही.

चीन के साथ गलवान घाटी में हमीरपुर जिले का अंकुश ठाकुर भी शहीद हो गया था. पंजाब रजिमेंट का सिपाई अंकुश महज 21 साल का था. वह साल 2018 में ही भर्ती हुआ था और 20 महीने पहले रंगरूट की छुट्टी काटकर गया था.

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हमीरपुर. भारत और चीनी सैनिकों के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प में शहीद हुए हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के अंकुश ठाकुर का शव शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया.

अंकुश का शव लद्दाख से हेलिकॉप्टर के जरिये चंडीगढ़ लाया गया. इसके बाद सड़क मार्ग से चंडीगढ़ से पार्थिव शरीर घर पहुंचा.  शहीद अंकुश ठाकुर का पार्थिव शरीर लाते समय ऊना में लोगों फूलों की बारिश की और नम आंखों से उसे श्रद्धांजलि दी. पैतृक गांव कडोहता के श्मशानघाट में अंकुश का अंतिम संस्कार किया गया. वहीं घर पर बड़ी तादाद में लोग पहुंचे और उन्होंने शहीद को श्रद्धांजलि दी.

अब सीएम शनिवार को आएंगे
वहीं, दूसरी ओर, शुक्रवार को सीएम जय राम ठाकुर का शहीद के घर पहुंचने का कार्यक्रम था, लेकिन अब सीएम शनिवार को शहीद के परिजनों को सांत्वना देने आएंगे. वहीं, अंतिम संस्कार के लिए सरकार की ओर से पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर मौके पर पहुंचे थे.
शहीद अंकुश ठाकुर का घर.




ये है मामला
चीन के साथ गलवान घाटी में हमीरपुर जिले का अंकुश ठाकुर भी शहीद हो गया था. पंजाब रजिमेंट का सिपाई अंकुश महज 21 साल का था. वह साल 2018 में ही भर्ती हुआ था और 20 महीने पहले रंगरूट की छुट्टी काटकर गया था. हाल ही में उसे छुट्टी लेकर घर आना था, लेकिन लॉकडाउन के चलते ऐसा नहीं हो पाया. अंकुश का एक छोटा भाई है. इसके अलावा, अंकुश के पिता भी फौज से रिटायर हुए हैं.
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