क्या उपचुनाव से हिमाचल विधानसभा में फिर एंट्री करेंगे पूर्व सीएम धूमल?

विधानसभा चुनाव-2017 (Assembly Election) में हिमाचल प्रदेश में भाजपा के सीएम के चेहरा बनाए गए प्रेम कुमार धूमल (Prem Kumar Dhumal) को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा और वह सीएम बनने से रह गए थे.

Jasbir Kumar | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 14, 2019, 10:40 AM IST
क्या उपचुनाव से हिमाचल विधानसभा में फिर एंट्री करेंगे पूर्व सीएम धूमल?
हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल. (FILE PHOTO)
Jasbir Kumar | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 14, 2019, 10:40 AM IST
लोकसभा चुनाव 2019 के बाद अब हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में कांगड़ा जिला के धर्मशाला तथा सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसी बीच धर्मशाला से पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के क़द्दावर नेता प्रेम कुमार धूमल (Prem Kumar Dhumal) की धर्मशाला सीट से विधानसभा उपचुनाव (By-Election) लड़ने की चर्चाओं ने सभी के कान खड़े कर दिए हैं. कांगड़ा से उठी आवाज़ के बाद धर्मशाला से धूमल के चुनाव लड़ने की चर्चा मात्र से ही भाजपा के अंदर गुणा-भाग शुरू हो गया है.

इस वजह से चर्चा
यह चर्चा यूं ही नहीं हो रही है. इसके पीछे कई कारण हैं. धूमल का पीएम मोदी से मिल कर लम्बी चर्चा करना, रमेश धवाला और पवन राणा प्रकरण, इन्‍दु गोस्वामी का इस्तीफ़ा, भाजपा के एक वर्ग को हाशिये पर रखना, सरकारी पदों पर नियुक्तियों को लेकर आक्रोश जैसे मुद्दे इन चर्चाओं को हवा दे रहे हैं. बता दें कि कांगड़ा हमेशा हिमाचल की राजनीति का भविष्य तय करता रहा है. हमीरपुर भी कभी कांगड़ा जिला की तहसील हुआ करती थी. शांता कुमार कांगड़ा से दो बार मुख्यमंत्री बने तो प्रेम कुमार धूमल भी हमीरपुर से दो बार हिमाचल के मुख्यमंत्री के तौर पर भूमिका निभाई.

धूमल दो बार हिमाचल के सीएम रहे हैं. (FILE PHOTO)
प्रेम कुमार धूमल दो बार हिमाचल के सीएम रहे हैं. (FILE PHOTO)


धूमल की सियासत
विधानसभा चुनाव-2017 में हिमाचल प्रदेश में भाजपा के सीएम के चेहरा बनाए गए प्रेम कुमार धूमल को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा और वह सीएम बनने से रह गए थे. अप्रत्याशित नतीजे के बाद मंडी से चुनाव जीतने वाले जयराम ठाकुर कहीं भी मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं थे, लेकिन नतीजों के बाद वह सीएम बने. यहां यह गौर करने वाली बात है कि धूमल के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा गया था.

वापसी आसान नहीं, लोकसभा में जबरदस्त जीत
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मोदी लहर में लोकसभा चुनाव 2019 में प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा ने रिकार्डतोड़ जीत दर्ज की. कुल पोल हुए वोट में 70 फीसदी से ज्यादा भाजपा के खाते में गए और हिमाचल की सभी 68 विधानसभा सीटों पर भाजपा को ज़बरदस्त लीड मिली. हिमाचल भाजपा 4/4 और 68/68 पर टॉप कर देश भर में चर्चा में रही. वैसे भी धूमल 75 साल के हो चुके हैं और भाजपा के फ्यूचर प्लान में उनकी उम्र आड़े आ सकती है.

हाल ही में हुए मुद्दे
इतना सबकुछ होने के बावजूद भाजपा का एक वर्ग हाशिए पर खिसकता गया. इससे ज्वालामुखी और पालमपुर में सियासी विस्फोट होने शुरू हो गए. हमीरपुर जिला के बडसर में भी सरकार में हो रही नियुक्तियों पर भाजपा मंडल ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. कांगड़ा ज़िला के हर विधानसभा क्षेत्र में सगंठन मंत्री पवन राणा और रमेश धवाला सरीखे नेताओं के बीच ठन गई. शांताकुमार की सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने से कांगड़ा का सियासी किला कंपकपाने लगा है. ऐसे में प्रेम कुमार धूमल को हमीरपुर की राजनीति के साथ-साथ कांगड़ा को संभालने की आवाज़ उठने लगी है. क्या प्रेम कुमार धूमल कांगड़ा के धर्मशाला से उपचुनाव लड़ेंगे? यह कहना अभी इतना आसान भी नहीं है.

किशन कपूर ने बेटे की पैरवी की थी
यहां यह बताना भी ज़रूरी है कि धर्मशाला से विधायक रहे और मौजूदा सांसद किशन कपूर को गत विधानसभा चुनाव में धूमल के दख़ल के बाद ही टिकट मिला था और धूमल के दख़ल के बाद ही उन्हें जयराम मंत्रिमंडल में जगह मिली थी. अब कांगड़ा से लोकसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद धर्मशाला उपचुनाव में सांसद किशन कपूर की रणनीति क्या रहती है, इस पर भी सबकी नज़रे रहेगी. हालांकि, उन्होंने अपने बेटे के लिए टिकट को लेकर पैरवी करने का बयान भी दिया.

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First published: August 14, 2019, 9:48 AM IST
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